Exicom Tele Systems IPO: इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए चार्जर बनाने वाली एग्जिकॉम टेली-सिस्टम्स (Exicom Tele-Systems) के आईपीओ का प्राइस बैंड फिक्स हो चुका है। यह इश्यू 27 फरवरी को सब्सक्रिप्शन को खुलेगा और इसमें 135-142 रुपये के प्राइड बैंड में पैसे लगा सकेंगे। एंकर निवेशकों के लिए यह इश्यू 26 फरवरी को खुलेगा। इस कंपनी में पहले से ही घरेलू मार्केट में लिस्टेड HFCL की भी हिस्सेदारी है और इसके पास 7.74 फीसदी हिस्सेदारी है। एग्जिकॉम के आईपीओ के चलते HFCL के शेयर इस साल अब तक करीब 32 फीसदी उछल चुके हैं।
Exicom Tele-Systems IPO की डिटेल्स
एग्जिकॉम टेली-सिस्टम्स का 429 करोड़ रुपये का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 27-29 फरवरी के बीच खुला रहेगा। इस आईपीओ के लिए 135-142 रुपये का प्राइस बैंड और 100 शेयरों का लॉट फिक्स किया गया है। आईपीओ का 75 फीसदी हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 10 फीसदी और 15 फीसदी खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित है। आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 1 मार्च को फाइनल होगा। इसके बाद शेयरों की BSE और NSE पर 5 मार्च को एंट्री होगी। इश्यू का रजिस्ट्रार लिंक इनटाइम है।
इश्यू के तहत 329 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे। वहीं 100 करोड़ रुपये के शेयरों की ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडो के तहत बिक्री होगी। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले निवेशकों को मिलेगा। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी प्लान्ड मैनुफैक्चरिंग फैसिलिटी में प्रोडक्शन/असेंबली लाइन के सेट-अप, कर्ज चुकाने, वर्किंग कैपिटल की बढ़ी हुई जरूरतों, R&D और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी। दिसंबर 2023 तक इस पर 95.34 करोड़ रुपये का कर्ज था और IPO के पैसों से यह 50.30 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाएगी। 145.77 करोड़ रुपये प्रोडक्शन/असेंबली लाइन के सेट-अप में खर्च होंगे।
Exicom Tele-Systems के बारे में
नेक्स्टवेव कम्युनिकेशंस और आनंद मेहता की कंपनी एग्जिकॉम टेली-सिस्टम्स का फोकस ईवी चार्जर और क्रिटिकल पावर सॉल्यूशंस पर है। मार्च 2023 तक के आंकड़ों के मुताबिक रेजिडेंशियल चार्जिंग में इसके पास 60 फीसदी और पब्लिक चार्जिंग में 25 फीसदी मार्केट शेयर है। देश के 400 स्थानों पर इसमे 35 हजार से अधिक चार्जर्स लगाए हैं। ईवी चार्जर्स बनाने वाली यह देश की शुरुआती कंपनियों में से एक है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2023 में इसका ऑपरेशनल रेवेन्यू 16 फीसदी गिरकर 707.93 करोड़ रुपये पर आ गया लेकिन इस दौरान शुद्ध मुनाफा 24 फीसदी उछलकर 6.37 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।