लेंडिंग प्लेटफॉर्म फाइब अपने IPO की तैयारी कर रहा है। जल्द ही इसके लिए सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा किया जा सकता है। कंपनी अपने पब्लिक इश्यू के जरिए 2,000 करोड़ रुपये तक जुटा सकती है। मनीकंट्रोल को सूत्रों से पता चला है कि ड्राफ्ट अगले दो-तीन हफ्तों में जमा होने की उम्मीद है। इस IPO में नए शेयरों के साथ-साथ मौजूदा निवेशकों की ओर से ऑफर फॉर सेल (OFS) भी रहेगा।
फाइब का पुराना नाम EarlySalary था। नए शेयरों को जारी करने से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल बैलेंस शीट को मजबूत करने और लोन बुक का विस्तार करने में किया जाएगा। फाइब में TPG, नॉर्वेस्ट वेंचर पार्टनर्स और इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन (IFC) जैसे बड़े निवेशकों का भी पैसा लगा है।
2015 में शुरू हुई थी Fibe
2015 में शुरू हुई Fibe ने सैलरी एडवांस प्लेटफॉर्म के तौर पर शुरुआत की थी, लेकिन बाद में इसका विस्तार बड़े डिजिटल कंज्यूमर लेंडिंग बिजनेस में हुआ। सितंबर 2022 में इसने अपनी रीब्रांडिंग की। कंपनी अपनी NBFC (नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी) EarlySalary Services के जरिए काम करती है। Fibe इसका फ्रंट-एंड ब्रांड और ऐप है। कंपनी की लोन बुक 1 अरब डॉलर से ज्यादा की है। Fibe 940 से ज्यादा शहरों में काम करती है और 6,500 से ज्यादा मर्चेंट लोकेशन के साथ जुड़ी हुई है। Fibe के लोन का औसत टिकट साइज लगभग 95,000 रुपये है और लोन की औसत अवधि 14 महीने है।
सूत्रों के मुताबिक, बैलेंस शीट में पर्सनल लोन की हिस्सेदारी लगभग 60 प्रतिशत है, जबकि मकसद-आधारित फाइनेंसिंग (Purpose-driven Financing) की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत है। मकसद-आधारित फाइनेंसिंग में मेडिकल, एजुकेशन, इंश्योरेंस, ट्रैवल और अन्य कंजम्पशन कैटेगरी में खास इस्तेमाल के लिए लोन दिए जाते हैं।
ज्यादातर ग्राहक भारत के युवा कामकाजी लोग
मनीकंट्रोल के सूत्रों के मुताबिक, लगभग सभी लोन रियल-टाइम में प्रोसेस किए जाते हैं, जिनमें बहुत कम मैनुअल दखल की जरूरत होती है। हर महीने दिए जाने वाले लोन का एक बड़ा हिस्सा मौजूदा ग्राहकों को दिया जाता है, जिससे नए ग्राहकों को लाने (पेड कस्टमर एक्विजिशन) पर कंपनी की निर्भरता कम हो जाती है। कंपनी के ज्यादातर ग्राहक भारत के युवा कामकाजी लोग हैं। इसके औसत ग्राहक की उम्र 27-30 साल है और वह महीने में लगभग 45,000-48,000 रुपये कमाता है। Fibe ने एक्सिस बैंक के साथ को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड, इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन और डिजिटल फिक्स्ड डिपॉजिट जैसी दूसरी सेवाओं में भी विस्तार किया है, हालांकि लोन देना ही कमाई का मुख्य जरिया बना हुआ है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।