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Fusion Micro Finance की कमजोर लिस्टिंग से इनवेस्टर्स निराश, क्या शेयर बेच देने चाहिए?

फ्यूजन माइक्रो फाइनेंस इंडिया की 10 सबसे बड़ी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों में शामिल है। यह महिला उद्यमियों को लोन देती है। इसका बिजनेस ज्वाइंट लायबिलिटी ग्रुप-लेंडिंग मॉडल पर काम करता है। इसमें कुछ महिलाएं मिलकर एक ग्रुप बनाती हैं और एक-दूसरे के लोन की गारंटी देती हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 15, 2022 पर 6:19 PM
Fusion Micro Finance की कमजोर लिस्टिंग से इनवेस्टर्स निराश, क्या शेयर बेच देने चाहिए?
Fusion Micro Finance का फोकस रूरल एरिया पर है। इसकी मौजूदगी पूरे देश में है। बिजनेस का जो मॉडल कंपनी इस्तेमाल करती है, उसके चलते कई बार रिस्क बढ़ जाता है।

Fusion Micro Finance के शेयरों की लिस्टिंग 15 नवंबर को दमदार नहीं रही। डिस्काउंट पर लिस्टिंग (Listing on discount) ने इनवेस्टर्स को निराश कर दिया। कारोबार के दौरान शेयरों में गिरावट देखने को मिली। घटता मार्जिन और बैड लोन की आशंका इनवेस्टर्स को परेशान कर रही है।

एनालिस्ट्स का कहना है कि यह शेयर बहुत ज्यादा रिस्क और बहुत ज्यादा धैर्य रखने वाले इनवेस्टर्स के लिए है। इसकी वजह यह है कि फ्यूजन माइक्रो फाइनेंस के सामने आगे कई तरह के चैलेंजेज दिख रहे हैं। चॉइस ब्रोकिंग के रिसर्च एनालिस्ट सतीश कुमार ने कहा कि हाई इनफ्लेशन के बीच माइक्रो फाइनेंस सेक्टर के लिए रिस्क बढ़ा है। इसके बावजूद कंपनी ने ज्यादा वैल्यूएशन पर अपने शेयर बेचे थे।

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उन्होंने कहा, "ज्यादा क्रेडिट कॉस्ट की वजह से कंपनी का रिटर्न रेशियो कमजोर है। इसलिए क्रेडिट कॉस्ट के मोर्चे पर किसी तरह के अप्रत्याशित झटके का बड़ा असर रिटर्न रेशियो पर देखने को मिलेगा। जिन निवेशकों को एलॉटमेंट में शेयर मिले हैं, उन्हें प्रॉफिट बुक कर लेना चाहिए।"

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