फिनकेयर स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB) ने अपना इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) लाने की योजना को जुलाई-अगस्त तक के लिए टाल दिया है। कंपनी ने इसके पीछे कोरोना महामारी के चलते बैंकिग सेक्टर को लगी तगड़ी चोट और रूस-यूक्रेन संकट के चलते शेयर बाजार में जारी भारी अस्थिरता को वजह बताया।
बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO राजीव यादव ने सोमवार 14 मार्च को एक बातचीत में मनीकंट्रोल को बताया कि बैंक का लक्ष्य अब वित्त वर्ष 2023 में "सबसे जल्द अच्छे मौके" पर लिस्ट होने का है।
उन्होंने कहा, “हमारे पास सभी रेगुलेटरी मंजूरी है। हालांकि यह समय काफी हद तक कोरोना महामारी और बैंक पर पड़ने वाले उसके असर से प्रभावित है। ऐसे में आईपीओ लाने से पहले इस ठीक करने की जरूरत है। जाहिर है कि इस समय ग्लोबल मुद्दे भी एक कारण हैं, लेकिन मुझे उम्मीद है कि इसका असर लंबे समय तक नहीं रहेगा। हमने आईपीओ लाने की सभी प्रक्रिया को पूरा कर चुके हैं। ऐसे में हम बस यह सुनिश्चित करना चाहता हैं कि जब हम आईपीओ लाएं, तो उस समय बाजार में इसलिए उचित माहौल हो।"
1,330 करोड़ रुपये जुटाने की है योजना
फिनकेयर स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB) ने आईपीओ के जरिए पैसा जुटाने के लिए पिछले साल मई में ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा किया था। डॉक्यूमेंट के मुताबिक, बैंक आईपीओ के जरिए 1,330 करोड़ रुपये जुटाने की कोशिश में है। इसमें 330 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 1,000 करोड़ रुपये प्रमोटरों की तरफ से ऑफर-फॉर-सेल (OFS) शामिल होगा। बैंक आईपीओ से मिलने वाले फंड का इस्तेमाल अपनी टियर 1 कैपिटल को बढ़ाने के लिए करेगा।
बेंगलुरु के इस स्मॉल फाइनेंस बैंक ने चार वर्ष पहले बिजनेस शुरू किया था। स्मॉल फाइनेंस बैंक में तब्दील होने स पहले यह कंपनी माइक्रोफाइनेंस इंस्टीट्यूशन के तौर पर काम करती थी।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के फाइनल अप्रूवल की शर्तों और स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB) गाइडलाइंस के तहत, इसे 500 करोड़ रुपये की नेटवर्थ हासिल करने के तीन वर्ष के अंदर अपने इक्विटी शेयर्स स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट कराने हैं।