FirstCry IPO: फर्स्टक्राई ब्रांड की मालकिन ब्रेनबीज सॉल्यूशंस (Brainbees Solutions) के आईपीओ को कंपनी के एंप्लॉयीज का शानदार रिस्पांस मिला है। इसके 4193 करोड़ रुपये के आईपीओ में एंप्लॉयीज के लिए आरक्षित हिस्सा 6.57 गुना से अधिक भर गया है। ओवरऑल बात करें तो यह इश्यू आखिरी दिन ही आकर ओवरसब्सक्राइब हो पाया। ब्रेनबीज सॉल्यूशंस ने आईपीओ खुलने से पहले एंकर निवेशकों से 1,885.8 करोड़ रुपये जुटाए थे और इन्हें 465 रुपये के भाव पर 4.06 करोड़ शेयर जारी हुए हैं। ग्रे मार्केट में बात करें तो इसके शेयर अपर प्राइस बैंड से 20 रुपये यानी 4.3 फीसदी की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर हैं। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स के आधार पर ही निवेश से जुड़ा फैसला लेना चाहिए।
कैटेगरीवाइज सब्सक्रिप्शन की स्थिति
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB)- 19.30 गुना
(सोर्स: BSE, 08 Aug 2024 | 05:30:00 PM)
फर्स्टक्राई के ₹4,193.73 करोड़ के आईपीओ में ₹440-₹465 के प्राइस बैंड और 32 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। एंप्लॉयीज को हर शेयर 44 रुपये के डिस्काउंट पर मिलेगा। आईपीओ के तहत शेयरों का अलॉटमेंट 9 अगस्त को फाइनल होगा और फिर BSE और NSE SME पर 13 अगस्त को एंट्री होगी। इश्यू का रजिस्ट्रार लिंक इनटाइम है। इस आईपीओ के तहत 1,666.00 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे। इसे अलावा 2 रुपये की फेस वैल्यू वाले 5,43,59,733 शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री होगी।
ऑफर फॉर सेल का पैसा शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिलेगा। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी 'बेबीहग' ब्रांड के तहत मॉडर्न स्टोर खोलने, भारत में वेयरहाउस बनाने, मौजूदा स्टोर्स के लीज पेमेंट, सेल्स और मार्केटिंग, टेक और डेटा साइंस, अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी। इसके अलावा इन पैसों को सब्सिडियरी डिजिटल ऐज में भी निवेश किया जाएगा ताकि यह फर्स्टक्राई समेत अन्य ब्रांड्स के के नए मॉडर्न स्टोर्स खोल सके और साथ ही मौजूदा स्टोर्स के लीज का पेमेंट कर सके। कुछ पैसा सब्सिडियरी ग्लोबलबीज ब्रांड्स को भी मिलेगा ताकि यह अपनी सब्सिडियरीज में और हिस्सेदारी खरीद सके।
Brainbees Solutions के बारे में
वर्ष 2010 में बनी ब्रेनबीज सॉल्यूशंस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म फर्स्टक्राई के जरिए शिशुओं, बच्चों और माताओं से जुड़े प्रोडक्ट्स की बिक्री करती है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो पिछले तीन वित्त वर्षों से यह लगातार घाटे में है लेकिन रेवेन्यू लगातार बढ़ा है। वित्त वर्ष 2022 में इसे 78.69 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2023 में बढ़कर 486.06 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि अगले वित्त वर्ष 2024 में घाटा कुछ कम हुआ और यह 321.51 करोड़ रुपये पर आ गया। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू सालाना 61 फीसदी से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर 6,575.08 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।