फ्लिपकार्ट की फंडिंग वाली लॉजिस्टिक्स स्टार्टअप ब्लैकबक (BlackBuck) अगले फिस्कल ईयर के अंत तक IPO लॉन्च करने की तैयारी में है। सूत्रों ने बताया कि IPO के जरिये कंपनी 30 करोड़ डॉलर जुटाएगी। एक सूत्र ने बताया, 'ब्लैकबक ने अपने IPO के लिए हाल में मर्चेंट बैंकरों और वकीलों की नियुक्ति की है। कंपनी ने अपने ड्राफ्ट रेड हरिंग प्रॉस्पेक्ट्स (DRHP) पर काम भी शुरू कर दिया है। कंपनी वित्त वर्ष 2025 की दूसरी छमाही में अपना IPO लॉन्च कर सकती है।'
ब्लैकबक की शुरुआत 2015 में हुई थी और इसे जिंका लॉजिस्टिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा चलाया जाता है। यह एक B2B ऑनलाइन ट्रकिंग प्लेटफॉर्म पर है, जो ऐसी कंपनियों को जोड़ता है जो ट्रक या अन्य चीजों से सामान भेजना चाहते हैं। इसके पास सर्विस बिजनेस भी है, जिसके तहत GPS ट्रैकिंग डिवाइस, फास्टैग्स और फ्यूल कार्ड की बिक्री की जाती है। इस स्टार्टअप के कस्टमर्स में हिंदुस्तान यूनिलीवर, रिलायंस पेट्रोकेमिकल्स, हिंदुस्तान जिंक, मैरिको आदि शामिल हैं।
सूत्रों के मुताबिक, इस IPO के तहत नए शेयर जारी करने के अलावा पुराने शेयरों की भी बिक्री की जाएगी। IPO का साइज सेकेंडरी शेयरों की बिक्री के आधार पर तय होगा। सूत्रों के मुताबिक, इस बारे में अभी फैसला नहीं हुआ है। IPO से हासिल रकम का इस्तेमाल कंपनी अपने सर्विसेज बिजेनस को बढ़ाने में करेगी। हाल के वर्षों में कंपनी अपना सर्विसेज बिजनेस बढ़ाने पर फोकस कर रही है। साथ ही, फ्रेट बिजनेस को भी बढ़ा रही है।
ब्लैकबक 2021 में यूनिकॉर्न बन गई थी। उस वक्त कंपनी ने 1.02 अरब डॉलर की वैल्यूएशन पर सीरीज ई-फंडिंग के तहत 6.7 करोड़ डॉलर जुटाए थे। फंड जुटाने की अगुवाई अमेरिकी फंड ट्राइब कैपिटल, IFC इमर्जिंग एशिया फंड और VEF शामिल हैं। इस फंडिंग राउंड में वेलिंग्टन मैनेजमेंट (Wellington Management), सैंड्स कैपिटल (Sands Capital) और इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन (International Finance Corporation) जैसे मौजूदा निवेशकों ने भी इस राउंड में भागीदारी की।
इस सिलसिले में ब्लैकबक को भेजी गई ईमेल का कोई जवाब नहीं मिला। वित्त वर्ष 2023 में कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 15 पर्सेंट घटकर 704.18 करोड़ रुपये रहा था। इस दौरान कंपनी का नुकसान मामूली रूप से बढ़कर 290.47 करोड़ रुपये रहा था, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह आंकड़ा 284.55 करोड़ रुपये था।