Gandhar Oil Refinery IPO: शेयर बाजार में एक और नई कंपनी आ रही है। इसका नाम गंधार ऑयल रिफाइनरी इंडिया है। यह कंपनी अगले हफ्ते अपना इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) खोलेगी। निवेशकों को इस IPO में निवेश करने का एक अच्छा मौका मिलेगा। हालांकि निवेश करने से पहले उन्हें इससे जुड़ी कुछ बातों का जानना बेहद जरूरी है। इस आर्टिकल में हम गंधार ऑयल रिफाइनरी के IPO से जुड़ी सभी अहम बातों को 10 अहम बिंदुओं में समझा रहे हैं, ताकि आप निवेश से जुड़े फैसला लेने में सहूलियत हो।
गंधार ऑयल रिफाइनरी का IPO आगामी 22 नवंबर 2023 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 24 नवंबर 2023 को बंद होगा। एंकर निवेशकों के लिए यह IPO एक दिन पहले 21 नवंबर को खुलेगा।
गंधार ऑयल रिफाइनरी ने आईपीओ के लिए 160 से 169 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।
गंधार ऑयल रिफाइनरी, व्हाइट ऑयल की मैन्युफैक्चरिंग करती है। कंपनी अपने IPO से करीब 500.69 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है। इसमें से 302 करोड़ रुपये नए शेयर जारी कर जुटाए जाएंगे। जबकि बाकी 198.69 करोड़ रुपये के शेयर इसके प्रमोटरों और मौजूदा शेयरधारकों की ओर से बिक्री के लिए रखा जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, कंपनी के प्रमोटर रमेश बाबूलाल पारेख, कैलाश पारेख और गुलाब पारेख, तीनों 22.5-22.5 लाख शेयर बेचेंगे। इसके अलावा ग्रीन डेजर्ट रियल एस्टेट ब्रोकर्स, डेनवर ब्लडग मैट एंड डेकोर TR LLC, और फ्लीट लाइन शिपिंग सर्विसेज LLC जैसे शेयरधारक क्रमश: 30 लाख शेयर, 10 लाख शेयर और 10 लाख शेयरों की पूरी हिस्सेदारी बेचकर कंपनी से बाहर निकल जाएंगे।
कंपनी को नए शेयरों की बिक्री से जो राशि मिलेगा, उसका एक बड़ा हिस्सा यानी करीब 185 करोड़ रुपये वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा होने में खर्च होंगे। इसके अलावा, करीब 22.71 करोड़ रुपये का इस्तेमाल टेक्सोल से लिए गए लोन को चुकाने में किया जाएगा। वहीं 27.73 करोड़ रुपये सिलवासा प्लांट में ऑटोमोटिव ऑयल की क्षमता विस्तार के लिए जरूरी इक्विपमेंट्स को खरीदने और सिविल कार्य में खर्च किए जाएंगे।
निवेशकों को IPO में लॉट के हिसाब से बोली लगानी होगी। एक लॉट में कंपनी के 88 शेयर होंगे। ऐसे में खुदरा निवेशकों को एक लॉट की न्यूनतम बोली लगाने के लिए 4,080 रुपये (88 शेयर x 160 रुपये) का निवेश करना होगा।
गंधार ऑयल कई तरह के प्रोडक्ट बनाती है, जो पर्सनल केयर, हेल्थकेयर और परफॉर्मेंस ऑयल कैटेगरी में आते हैं। इसके अलावा कंपनी 'Divyol' ब्रांड के तहत इंजन ऑयल भी बनाती है। कंपनी के पास कई घरेलू और ग्लोबल स्तर पर कई बड़े क्लाइंट्स हैं, जिनमें प्रॉक्टर एंड गैंबल, यूनिलीवर, मैरिको, डॉबर, एनक्यूब, पतंजलि आयुर्वेद, बजाज कंज्यूमर केयर, इमामी और अमृतांजन हेल्थकेयर सहित कई कंपनियां शामिल हैं।
वित्त वर्ष 2023 में कंपनी का रेवेन्यू 15.13 प्रतिशत बढ़कर 4,079.4 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल 3,543.3 करोड़ रुपये था। वहीं कंपनी का मुनाफा वित्त वर्ष 2023 में 30.3 प्रतिशत बढ़कर 213.17 करोड़ रुपये रहा, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 163.58 करोड़ रुपये रहा था।
इस इश्यू के लीड मैनेजर ICICI सिक्योरिटीज और नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट हैं, जबकि लिंक इनटाइम इंडिया रजिस्ट्रार है।
- कंपनी अपने अधिकतर प्रमुख कच्चे माल, बेस ऑयल को दक्षिण कोरिया और खाड़ी देशों से हासिल करती है। इन देशों से बेस ऑयल खरीदने में कोई भी दिक्कत या चुनौती आने पर इसके ऑर्डर में देरी हो सकती हैं या रद्द हो सकते हैं। इसके पास कच्चे माल के वैकल्पिक स्रोतों का अभी अभाव है।
- कंपनी सीमित संख्या में सप्लायर्स से कच्चे माल का एक बड़ा हिस्सा लेती है और उनके साथ लंबी अवधि का कॉन्ट्रैक्ट नहीं करती है।
तय योजना के मुताबिक, गांधार ऑयल रिफाइनरी के शेयरों का कारोबार पांच दिसंबर से शुरू होगा।