हिंदुस्तान कोका-कोला होल्डिंग्स लिमिटेड (HCCH) ने अपने IPO के जरिए पूंजी जुटाने के लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास ड्राफ्ट जमा किया है। ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के अनुसार, इस पब्लिक इश्यू में केवल ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। कंपनी को कोई पैसा नहीं मिलेगा। OFS में हिंदुस्तान कोका-कोला ओवरसीज होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड 99,74,61,456 इक्विटी शेयरों को बिक्री के लिए रखेगी।
फिलहाल HCCH में कोका-कोला की हिस्सेदारी लगभग 60 प्रतिशत है। बाकी 40 प्रतिशत हिस्सेदारी जुबिलेंट भरतिया ग्रुप के पास है। इस ग्रुप ने दिसंबर 2024 में लगभग 12,650 करोड़ रुपये में यह हिस्सेदारी खरीदने पर सहमति जताई थी।
HCCH, कोका-कोला की भारतीय बॉटलर कंपनी 'हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस' की पेरेंट कंपनी है। हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस के भारत के 12 राज्यों में 14 मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं। कंपनी 20 लाख से ज्यादा आउटलेट्स को सर्विस देती है।
SLMG Beverages 3 से 4 साल में लाएगी IPO
कोका-कोला की भारत में एक और बॉटलिंग पार्टनर SLMG बेवरेजेस अगले 5 साल में अपना कारोबार बढ़ाकर 20,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाना चाहती है। साथ ही कंपनी की योजना अगले 3 से 4 साल में IPO लाकर स्टॉक मार्केट में लिस्ट होने की है। यह बात अक्टूबर महीने में कंपनी के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर परितोष लधानी ने एक इंटरव्यू में कही थी। SLMG Beverages की उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रमुख बाजारों में अच्छी मौजूदगी है।
यह कंपनी कोका-कोला के दुनिया के टॉप 15 बॉटलिंग पार्टनर्स में शामिल है। इसका लक्ष्य अगले 5 सालों में वैश्विक स्तर पर टॉप 10 में जगह बनाना है। इसके अलावा, कंपनी अगले 10 सालों में दुनिया की टॉप 5 बॉटलिंग कंपनियों में शामिल होना चाहती है। कंपनी के पास उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में कोका-कोला की बॉटलिंग के अधिकार हैं। SLMG बेवरेजेस की मौजूदा बॉटलिंग क्षमता करीब 35,000 बोतल प्रति मिनट है। मौजूदा ग्रॉस टर्नओवर करीब 9,000 करोड़ रुपये है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।