HMA Agro Industries IPO: बीफ एक्सपोर्ट करने वाली कंपनी 'एचएमए एग्रो इंडस्ट्रीज' का 480 करोड़ रुपये का इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) को चौथे और आखिरी दिन पूरा सब्सक्राइब हो गया। बुधवार 23 जून को शाम साढ़े 6 बजे तक, आईपीओ को कुल 1.62 गुना अधिक सब्सक्रिप्शन मिला। बीएसई पर मौजूद आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी ने अपने आईपीओ के तहत कुल 60,54,054 करोड़ शेयरों को बिक्री के लिए रखा था, जिसके बदले में उसे 98,07,567 शेयरों के बोलियां मिली। इसके साथ HMA एग्रो इंडस्ट्रीज का आईपीओ बंद हो गया। यह आईपीओ 20 जून 2023 को खुला था, जिसके लिए 23 जून तक बोली लगाई जा सकती थी।
कंपनी को सबसे अधिक बोली नॉन-इंस्टीट्यूशन इनवेस्टर्स (NII) के कैटेगरी में मिली, जिन्होंने अपने हिस्से के लिए आरक्षित शेयरों का करीब 2.97 गुना सब्सक्राइब किया। वहीं क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशन बायर्स (QIB) ने अपने कोटे में 1.74 गुना अधिक बोली लगाई है। हालांकि रिटेल निवेशकों का कोटा पूरा सब्सक्राइब नहीं हो पाया और उन्होंने 0.96 फीसदी हिस्सा ही सब्सक्राइब किया।
HMA Agro Industries IPO GMP
480 करोड़ रुपये जुटाने की योजना
यह कंपनी अपने आईपीओ के कुल 480 करोड़ रुपये जुटाने की योजना में है। इसके तहत 150 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए गए हैं। जबकि बाकी 330 करोड़ रुपये के शेयरों को प्रमोटरों ने ऑफर फॉर सेल विंडो (OFS) के तहत बिक्री के लिए रखा है। आईपीओ के लिए 555-585 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया था।
29 जून को होगा शेयरों का अलॉटमेंट
आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 29 जून को फाइनल होगा। जिन्हें इसके शेयर नहीं अलॉट होंगे, उनके पैसे 30 जून को रिफंड होगे और जिन्हें अलॉट होंगे, उनके डीमैटे खाते में इसे 3 जुलाई को भेजा जाएगा। शेयरों की बीएसई-एनएसई पर एंट्री 4 जुलाई को है। नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
यह दो भाईयों- गुलजार अहमद और वाजिद अहमद की कंपनी है। दोनों इसके फाउंडिंग प्रमोटर्स हैं। गुलजार अहमद चेयरमैन और पूर्णकालिक निदेशक हैं, जबकि वाजिद अहमद बोर्ड के एमडी हैं। इसके कारोबार की बात करें तो यह कंपनी बीफ, सब्जियों और अनाज बेचती है। बफैलो मीट यानी बीफ को एक्सपोर्ट करने के मामले में यह देश की बड़ी कंपनियों में शुमार है और इसकी एक्सपोर्ट में 10 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी है। इसके प्रोडक्ट्स की बिक्री ब्लैक गोल्ड, कामिल और एचएमए के ब्रांड नाम से होती है। इसकी 90 फीसदी बिक्री निर्यात के रूप में होती है। और निर्यात 40 से अधिक देशों में होता है।
इसके पैकेज्ड मीट प्रोसेसिंग के चार प्लांट अलीगढ़, मोहाली, आगरा और पारभानी में हैं और अब यह हरियाणा में एक और ऐसा प्लांट खोलने की तैयारी मे है। इसके अलावा उन्नाव में एक और प्लांट के लिए यह जमीन ले रही है। कंपनी के पास जयपुर और मानेसर में सेकंडरी लेवल की दो मीट प्रोसेसिंग यूनिट भी है।