Bajaj Housing Finance IPO Allotment: पैसों की रिकॉर्ड बारिश में शेयर मिला या नहीं, ऐसे करें चेक, लिस्टिंग पर होगा धमाका
Bajaj Housing Finance IPO: नॉन-डिपॉजिट एनबीएफसी बजाज हाउसिंग फाइनेंस केंद्रीय बैंक RBI के अपर लेयर एनबीएफसी की कैटेगरी में है। आरबीआई के नियम के मुताबिक इस कैटेगरी में आने के बाद एक निश्चित समय अंतराल में इनके शेयरों को मार्केट में लिस्ट करना जरूरी है। बजाज हाउसिंग फाइनेंस के लिए इसकी डेडलाइन सितंबर 2025 थी और इसके चलते बजाज हाउसिंग फाइनेंस ने आईपीओ लाया जिसे रिकॉर्ड बोलियां मिली
Bajaj Housing Finance IPO: बजाज हाउसिंग फाइनेंस के ₹6,560.00 करोड़ के आईपीओ में निवेशकों ने ₹66-₹70 के प्राइस बैंड और 214 शेयरों के लॉट में पैसे लगाए।
Bajaj Housing Finance IPO: शुरुआती फीके रिस्पांस के बाद जब बजाज हाउसिंग फाइनेंस के आईपीओ ने स्पीड पकड़ी तो रिकॉर्ड बोलियां मिल गई। इसके 6500 करोड़ रुपये के आईपीओ को 3 लाख करोड़ रुपये की बोली मिली जो अब तक का रिकॉर्ड है। अब इस पैसों की इस रिकॉर्ड बारिश में शेयर किसे मिलेगा, इसका फैसला आज हो जाएगा। अलॉटमेंट फाइनल होने के बाद इसे या तो बीएसई की वेबसाइट पर या रजिस्ट्रार केफिन टेक की वेबसाइट पर देख सकते हैं जिसे चेक करने का स्पेपवाइज प्रोसेस नीचे पढ़ सकते हैं।
ग्रे मार्केट में बात करें तो इसके शेयर आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से 74 रुपये यानी 105.71% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर हैं। इससे शेयरों की मजबूत लिस्टिंग के संकेत मिल रहे हैं और पहले ही दिन आईपीओ निवेशकों का पैसा डबल हो सकता है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी की कारोबारी सेहत और लिस्टिंग के दिन मार्केट की परिस्थिति पर निर्भर रहेगा। शेयरों की BSE, NSE पर 16 सितंबर को एंट्री होगी।
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शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।
Bajaj Housing Finance IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस
बजाज हाउसिंग फाइनेंस के ₹6,560.00 करोड़ के आईपीओ में निवेशकों ने ₹66-₹70 के प्राइस बैंड और 214 शेयरों के लॉट में पैसे लगाए। इस इश्यू को हर कैटेगरी के निवेशकों का तगड़ा रिस्पांस मिला। एंप्लॉयीज का शुरुआत में रिस्पांस ठंडा था और दो दिन तक उनके लिए आरक्षित हिस्सा पूरा भर नहीं पाया था लेकिन फिर आखिरी दिन उन्होंने जमकर उत्साह दिखाया। ओवरऑल यह इश्यू 63.61 गुना सब्सक्राइब हुआ। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 209.36 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 41.51 गुना, खुदरा निवेशकों का हिस्सा 7.04 गुना, एंप्लॉयीज का हिस्सा 2.05 गुना और शेयरहोल्डर्स का कोटा 17.53 गुना भरा था।
इस आईपीओ के तहत 3,560.00 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे। इसके अलावा 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 42,85,71,429 शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री होगी। ऑफर फॉर सेल के तहत शेयर इसकी पैरेंट कंपनी बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance) बेचेगी। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिलेगा। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल बजाज हाउसिंग फाइेंस के कैपिटल बेस को बढ़ाने में होगा।
Bajaj Housing Finance की डिटेल्स
वर्ष 2008 में बनी बजाज हाउसिंग फाइनेंस डिपॉजिट नहीं लेने वाली हाउसिंग फाइनेंस कंपनी (HFC) है। वर्ष 2015 से यह नेशनल हाउसिंग बैंक (NHB) के पास रजिस्टर्ड है और वित्त वर्ष 2018 से यह मॉर्गेज लोन मुहैया करा रही है। RBI ने इसे भारत में अपर लेयर एनबीएफसी के तौर पर घोषित किया है। आरबीआई के इस स्टेप के चलते ही बजाज हाउसिंग फाइनेंस का आईपीओ आया है क्योंकि RBI के नियमों के मुताबिक अपर लेयर एनबीएफसी बनने के बाद तीन साल के भीतर शेयर लिस्ट होना अनिवार्य है और बजाज फाइनेंस के लिए यह डेडलाइन सितंबर 2025 में खत्म होनी थी।
बजाज ग्रुप की यह कंपनी होम लोन, प्रॉपर्टी गिरवी रखकर लोन (LAP- लोन अगेन्स्ट प्रॉपर्टी), रेंट कंसेसन और डेवलपर फाइनेंस जैसी सर्विसेज देती है। मार्च 2024 तक के आंकड़ों के मुताबिक इसके 3,08,693 एक्टिव कस्टमर थे जिसमें 81.7 फीसदी तो होम लोन वाले थे। देश के 20 राज्यों और 3 यूनियन टेरिटरीज के 174 स्थानों पर 215 ब्रांचेज हैं। इसके छह सेंट्रलाइज्ड रिटेल लोन रिव्यू सेंटर और सात सेंट्रल लोन प्रोसेसिंग सेंटर हैं।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022 में इसे 709.62 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2023 में उछलकर 1,257.8 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024 में 1,731.22 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू सालाना 42 फीसदी से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर 7,617.71 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस वित्त वर्ष 2024-25 की बात करें तो पहली तिमाही अप्रैल-जून 2024 में इसे 482.61 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा और 2,208.73 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल हो चुका है।