Indegene IPO: हेल्थकेयर टेक फर्म इंडिजीन लिमिटेड का IPO 6 मई को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने वाला है। कंपनी का इरादा इश्यू के जरिए 1842 करोड़ रुपये जुटाने का है। निवेशकों के पास आईपीओ में 8 मई तक निवेश का मौका रहेगा। इसके तहत 760 करोड़ रुपये के फ्रेश इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, 1,081.76 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत होगी। कंपनी ने इश्यू के लिए 430-452 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड रखा है। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग BSE और NSE पर होगी।
Indegene IPO से जुड़ी डिटेल
निवेशक कम से कम 33 इक्विटी शेयरों और उसके मल्टीपल में बोली लगा सकते हैं। इसके तहत रिटेल निवेशकों को कम से कम 14,190 रुपये का निवेश करना होगा। इंडिजीन लिमिटेड के आईपीओ में 1.68 करोड़ फ्रेश इक्विटी शेयर जारी होंगे। वहीं, 2.39 करोड़ शेयर OFS के तहत बेचे जाएंगे। ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत मौजूदा निवेशक- सीए डॉन इनवेस्टमेंट्स (CA Dawn Investments) समेत कई अन्य इकाइयां शेयरों की बिक्री करेंगी।
फिलहाल, एन. फारईस्ट प्राइवेट लिमिटेड की इंडिजीन में सबसे बड़ी यानी 23.64% हिस्सेदारी है। इसके अलावा, सीए डॉन इनवेस्टमेंट्स की 20.42 पर्सेंट हिस्सेदारी है, जबकि ब्राइटन पार्क कैपिटल का कंपनी में 12 पर्सेंट हिस्सा है। अलॉटमेंट के बारे में फैसला 9 मई को किया जाएगा और अगले दिन रिफंड की शुरुआत हो जाएगी। इंडिजीन के शेयरों की लिस्टिंग 13 मई को होने की संभावना है।
Indegene IPO: कहां होगा फंड का इस्तेमाल
फ्रेश इश्यू के जरिये जुटाई गई पूंजी का इस्तेमाल कर्ज चुकाने, कैपिटल एक्सपेंडिचर की जरूरतों की फंडिंग, ग्रोथ की फंडिंग और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा। इंडिजीन ने कार्लाइल ग्रुप और ब्राइटन पार्क कैपिटल से फरवरी 2021 में 20 करोड़ डॉलर जुटाए थे। कोटक महिंद्रा कैपिटल, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया, जेपी मॉर्गन इंडिया, नोमुरा फाइनेंशियल एडवाइजरी एंड सिक्योरिटीज (इंडिया) इस इश्यू के लिए बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं।
इंडिजीन की शुरुआत 1998 में हुई थी और यह कंपनी ऐसे सॉल्यूशंन ऑफर करती है, जिनके जरिये बायोफार्मास्युटिकल, बायोटेक और मेडिकल डिवाइसेज कंपनियां प्रोडक्ट डिवेलप कर उन्हें मार्केट में लॉन्च करती हैं। दिसंबर तक कंपनी के 65 एक्टिव क्लाइंट थे, जिन्हें उत्तरी अमेरिका, यूरोप और एशिया में स्थित ऑपरेशन सेंटर से सॉल्यूशन प्रोवाइड किया जाता है।
FY23 में कंपनी का रेवेन्यू 38 फीसदी बढ़कर 2,306 करोड़ रुपये हो गया, जो कि एक साल पहले की अवधि में 1665 करोड़ रुपये था। इस दौरान इंडेजीन का नेट प्रॉफिट 266 रुपये रहा, जो एक साल पहले की अवधि में दर्ज 162 करोड़ रुपये की तुलना में 64 फीसदी अधिक है।