आईपीओ के लिहाज से साल 2025 शानदार था। 2026 पिछले साल के मुकाबले अब तक सुस्त रहा है। अब तक सिर्फ 23 कंपनियों के आईपीओ आए हैं। इन कंपनियों ने करीब 27,000 करोड़ रुपये आईपीओ से जुटाए हैं। इक्विरियस कैपिटल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वैश्विक अनिश्चितता और बाजार में जरूरत से ज्यादा उतार-चढ़ाव का असर आईपीओ मार्केट पर पड़ा।
साल 2025 में 103 कंपनियों ने आईपीओ से कुल 1.76 करोड़ रुपये जुटाए थे। लेकिन, इस साल आईपीओ बाजार थोड़ा सुस्त रहा है। जियोपॉलिटिकल टेंशन में कमी से आईपीओ बाजार में हलचल बढ़ सकती है। इसके संकेत दिखने लगे हैं। Turtelmint Fintech Solutions और Advit Jewels के आईपीओ इस महीने आने वाले हैं। Cordelia Cruises ऑपरेट करने वाली Waterways Leisure Tourism का आईपीओ भी इस महीने आ सकता है।
NSE इस हफ्ते अप्लिकेशन फाइल कर सकता है
NSE इस हफ्ते सेबी के पास आईपीओ के लिए अप्लिकेशन फाइल कर सकता है। एनएसई देश का सबसे बड़ा एक्सचेंज है। इसके आईपीओ का इंतजार काफी समय से है। क्विक कॉमर्स कंपनी Zepto और एसबीआई म्यूचुअल फंड का आईपीओ अगले महीने आ सकता है। इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने यह बताया। एसबीआई म्यूचु्अल फंड देश का सबसे बड़ा म्यूचुअल फंड हाउस है।
163 से ज्यादा IPO को मिल चुके हैं ऑब्जर्वेशन
सीएमआर ग्रीन टेक्नोलॉजीज और Hexagon Nutrition अपने आईपीओ जून में पेश कर चुके हैं। इक्विरियस कैपिटल की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल मई तक 236 मेनबोर्ड आईपीओ के ड्राफ्ट फाइल किए जा चुके थे। इनमें से 163 को सेबी के ऑब्जर्वेशन मिल चुके थे। 73 को सेबी के ऑब्जर्वेशन का इंतजार था।
शेयर बाजार के पॉजिटिव सेंटीमेंट का असर आईपीओ बाजार पर भी
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका-ईरान में डील की खबर से शेयर बाजारों में रौनक लौटी है। इसका असर आईपीओ बाजार पर भी पड़ेगा। कई कंपनियां जियोपॉलिटिकिल टेंशन बढ़ने की वजह से 'इंतजार करो और देखो' की पॉलिसी अपना रही थी। हालात बेहतर होने से आईपीओ पेश करने में उनकी दिलस्पी बढ़ सकती है। इससे साल की दूसरी छमाही में आईपीओ बाजार में हलचल बढ़ सकती है।
सबसे ज्यादा हलचल एनएसई के आईपीओ में दिखेगी
आईपीओ बाजार में सबसे ज्यादा हलचल एनएसई के इश्यू को लेकर दिख सकता है। सीएनबीसी-टीवी18 की रिपोर्ट के मुताबिक, एनएसई इस हफ्ते आईपीओ के लिए पेपर फाइल कर सकता है। सूत्रों का कहना है कि एनएसई का प्लान इस साल नवरात्री या दीवाली तक शेयर बाजार में लिस्टिंग की है। एनएसई 5-5.25 लाख करोड़ करोड़ रुपये की वैल्यूएशन की डिमांड कर सकता है। एक्सचेंज के करीब 1.8 लाख शेयरहोल्डर्स है।