IREDA IPO: मिनी रत्न कंपनी इरेडा (IREDA) ने आईपीओ के लिए प्राइस बैंड फिक्स कर दिया है। इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (IREDA) ने आईपीओ के लिए प्रति शेयर 30-32 रुपये का भाव फिक्स किया है। यह इश्यू अगले हफ्ते मंगलवार 21 नवंबर को खुलेगा और इसमें 23 नवंबर तक पैसे लगा सकेंगे। आईपीओ खुलने से पहले एंकर निवेशकों के लिए यह 20 नवंबर को खुलेगा। इस इश्यू के तहत सिर्फ नए शेयर ही नहीं जारी होगे बल्कि मौजूदा शेयरधारक ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडो के तहत भी शेयरों की बिक्री करेंगे।
ग्रे मार्केट में बात करें तो अपर प्राइस बैंड से यह 3 रुपये यानी 9.38 फीसदी की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फाइनेंशियल्स और फंडामेंटल्स के आधार पर निवेश से जुड़ा फैसला लेना चाहिए।
इरेडा का का 2,150.21 करोड़ रुपये का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 21-23 नवंबर के बीच खुलेगा। आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 23 नवंबर को फाइनल होगा। इसके बाद शेयरों की BSE और NSE पर 1 दिसंबर को एंट्री होगी। इस आईपीओ के तहत 1,290.13 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे। इसके अलावा 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 26,87,76,471 शेयरों की ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडो के तहत बिक्री होगी। ये शेयर सरकार बेचेगी। सरकार के पास अभी इसकी 100 फीसदी हिस्सेदारी है।
नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी भविष्य की पूंजी जरूरतों को पूरा करने और लोन बांटने के लिए कैपिटल बेस को बढ़ाने में होगा। सितंबर 2023 तक के आंकड़ों के हिसाब से इसका CRAR 20.92 फीसदी पर है। इस इश्यू के लिए IDBI कैपिटस, बॉब कैप्स और SBI कैप्स लीड मैनेजर्स हैं।
IREDA के बारे में डिटेल्स
यह 36 साल पुरानी वित्तीय कंपनी है जो रिन्यूएबल एनर्जी और एनर्जी एफिशिएंसी प्रोजेक्ट्स को सपोर्ट करती है। यह इक्विपमेंट मैनुफैक्चरिंग और ट्रांसमिशन समेत प्रोजेक्ट प्लानिंग से लेकर पोस्ट-कमीशनिंग तक के लिए वित्तीय सर्विसेज मुहैया कराती है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो चालू वित्त वर्ष 2023-24 की पहली छमाही में इसकी टोटल इनकम सालाना आधार पर 1577.75 करोड़ रुपये से बढ़कर 2320.46 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। इसका नेट प्रॉफिट इस दौरान 410.27 करोड़ रुपये से उछलकर 579.32 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। ग्रॉस एनपीए 5.06 फीसदी से गिरकर 3.13 फीसदी और नेट एनपीए 2.72 फीसदी से फिसलकर 1.65 फीसदी पर आ गया। प्रोविजन कवरेज रेश्यो 48.11 फीसदी पर है।