जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड का 30,213 करोड़ रुपये का IPO 21.36 गुना के तगड़े सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हो चुका है। इस इश्यू में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 67.15 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 13.99 गुना, रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 2.76 गुना, एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व हिस्सा 2.91 गुना और शेयरहोल्डर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 7.59 गुना भरा।
अब 26 अक्टूबर को अलॉटमेंट फाइनल होने का इंतजार है। इसके बाद शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 28 अक्टूबर को हो सकती है। जिन लोगों ने Jio Platforms IPO में पैसे लगाए हैं, वे इसकी रजिस्ट्रार Kfin Technologies और स्टॉक एक्सचेंज BSE की वेबसाइट पर जाकर अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसकी प्रोसेस इस तरह है...
Kfin Technologies की वेबसाइट से
जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO साइज के मामले में देश का अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू है। इसमें बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹1065-₹1119 प्रति शेयर था। यह खुलने के 100 मिनट के अंदर ही फुली सब्सक्राइब हो गया था। IPO में 27 करोड़ नए शेयर जारी हुए। इश्यू की ओपनिंग से पहले कंपनी ने एंकर बुक में 212 एंकर निवेशकों से 8,109.85 करोड़ रुपये जुटाए थे। इस ऑफर के लिए संस्थागत निवेशकों की मांग 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक रही, जो एंकर बुक में उपलब्ध शेयरों की कुल कीमत से 30 गुना से भी ज्यादा है।
कैसे इस्तेमाल होंगे IPO के पैसे
जियो प्लेटफॉर्म्स अपने IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल मुख्य रूप से कंपनी की टेलिकॉम यूनिट रिलायंस जियो इंफोकॉम के कर्ज को कुछ हद तक या पूरी तरह चुकाने के लिए और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। investorgain.com के मुताबिक, ग्रे मार्केट में जियो प्लेटफॉर्म्स का शेयर 22.07 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। इसका मतलब है कि लिस्टिंग अच्छी रह सकती है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं। इसके संकेत कंपनी की लिस्टिंग के दिन सच ही होंगे, ऐसा जरूरी नहीं है।
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