Kaynes Technology IPO: इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की देश की अग्रणी कंपनी कायन्स टेक्नोलॉजी (Kaynes Technology) अपना इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) लाने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) के पास आईपीओ के ड्राफ्ट पेपर जमा कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, IPO के तहत 650 करोड़ रुपये के फ्रेश शेयर जारी किए जाएंगे और करीब 72 लाख शेयर कंपनी के प्रमोटरों और शेयरहोल्डरों की तरफ से बिक्री के लिए रखे जाएंगे।
IPO में कंपनी के प्रमोटर रमेश कुन्हिकन्नन (Ramesh Kunhikannan) अपने हिस्से के करीब 37 लाख शेयर बिक्री के लिए रखेंगे, वहीं निवेशक फ्रेनी फिरोज ईरानी (Freny Firoze Irani) 35 लाख इक्विटी शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे। IPO के तहत पेश किए जाने वाले शेयरों की फेस वैल्यू 10 रुपये होगी। कंपनी में रमेश कुन्हिकन्नन की हिस्सेदारी 87.14 फीसदी है जबकि फ्रेनी फिरोज ईरानी की हिस्सेदारी 11.36 फीसदी है
ड्राफ्ट पेपर को मंजूरी मिलने के बाद कंपनी IPO के तहत जारी होने वाले कुल शेयरों की संख्या, प्राइस बैंड, लिस्टिंग की संभावित तारीख, लॉट साइज, निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्सा और अन्य जरूरी डिटेल का साझा करेगी। IIFL सिक्योरिटीज और DAM कैपिटल एडवाइजर्स इस आईपीओ के लीड मैनेजर्स हैं।
कंपनी ने बताया कि वह IPO के जरिए जुटाई गई रकम का इस्तेमाल 5 कार्यों के लिए करेगी-
1. कंपनी IPO के जरिए जुटाई गई रकम में से 130 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कुछ खास कर्ज को कम करने और चुकाने में करेगी।
2. करीब 98.93 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी की मैसूर एंड मानेसारी स्थित उत्पादन ईकाईयों के विस्तार पर आने वाले खर्च में किया जाएगा। दिसंबर 2021 तक कर्नाटक, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु और उत्तराखंड में कंपनी की 8 उत्पादन ईकाईयां है।
3. वहीं 49.30 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी की एक शाखा Kaynes Electronics Manufacturing Pvt Ltd से संबंधित निवेश में किया जाएगा। बता दें कि Kaynes Technology की यह शाखा कर्नाटक में अपनी नई उत्पादन ईकाई लगा रही है।
4. करीब 114.74 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी के वर्किंग कैपिटल जरुरतों को पूरा करने में किया जाएगा। दिसंबर 2021 तक कंपनी की नेट वर्किंग कैपिटल जरुरत 253.92 करोड़ रुपये थी।
5. दूसरे सामान्य कारोबारी उद्देश्यों के लिए
Kaynes एक इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग कंपनी है जो इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइनिंग और मैन्यूफैक्चरिंग सर्विसेस का कारोबार करती है। कंपनी ऑटोमोटिव, इंडस्ट्रीयल, एयरोस्पेस, डिफेंस, आउटरस्पेस, न्यूक्लियर, मेडिकल, रेलवे, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, इंर्फोमेशन टेक्नोलॉजी और दूसरे सेक्टरों को अपनी सेवाएं देती है। कंपनी भारत सहित दुनिया के 20 देशों में कारोबार करती है।
कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2021 में कंपनी की आय 420.63 करोड़ रुपये थी जो वित्त वर्ष 2020 में 368.24 करोड़ रुपये थी। वित्त वर्ष 2021 में कंपनी का मुनाफा 9.73 करोड़ रुपये था जबकि वित्त वर्ष 2020 में ये 9.36 करोड़ रुपये था।