Kaynes Technology listing: केंस टेक्नोलॉजी के आईपीओ (Kaynes Technology IPO) में पैसे लगाने वाले निवेशक 22 नवंबर का इंतजार बेसब्री से कर रहे हैं। मंगलवार (22 नवंबर) को यह शेयर स्टॉक एक्सचेंजों में लिस्ट होगा। दरअसल, हाल में आए डिफेंस कंपनियों के आईपीओ ने निवेशकों को बहुत अच्छा प्रॉफिट दिया है। इनवेस्टर्स का रिस्पॉन्स भी इन आईपीओ को बहुत अच्छा मिला है। Kaynes Technology ऑटोमोटिव, इंडस्ट्रियल, एयरोस्पेस एंड डिफेंस, आउटर स्पेस, न्यूक्लियर, मेडिकल, रेलवे से जुड़ी कंपनियों को मैन्युफैक्चरिंग और लाइफ साइकिल सपोर्ट देती है। यह आईपीओ 858 करोड़ रुपये का था। यह 34 गुना सब्सक्राइब हुआ था। ग्रे मार्केट में इस शेयर का प्राइस 587 रुपये के इश्यू प्राइस से 40 फीसदी प्रीमियम पर चल रहा है।
कई ब्रोकरेज फर्मों ने केंस टेक्नोलॉजी के आईपीओ में निवेश करने की सलाह दी थी। फाइनेंशियल ईयर 2021-22 के मुनाफे पर केंस के शेयरों का पीई 82 गुना है। इसका EV/EBIDTA 38 गुना और EV/Sales 5 गुना है। आनंदराठी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, "कंपनी की हालिया ग्रोथ, स्ट्रॉन्ग रेवेन्यू विजिबिलिटी और ऑटोमेशन की बढ़ती डिमांड को देखते हुए इसके शेयरों की वैल्यूएशन वाजिब लगती है।"
DCX Systems Ltd, Data Patterns India Ltd, Dreamfolks Services Ltd, Krishna Defence & Allied Industries Ltd, Paras Defence and Space Technology Ltd और MTAR Technology ने कुछ समय पहले आईपीओ पेश किए थे। इन आईपीओ को इनवेस्टर्स का बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिला था।
शेयर मार्केट में उतार-चढ़ाव के बावजूद दूसरी डिफेंस कंपनियों के शेयरों का प्रदर्शन बहुत अच्छा है। इनमें Mazagon Dock Shipbuilders Ltd, Garden Reach Shipbuilders & Engineers Ltd, Cochin Shipyard Ltd, Bharat Dynamics Ltd और Hindustan Aeronautics Ltd के शेयर शामिल हैं। 1 अप्रैल से लेकर अब तक इन कंपनियों के शेयर 69 फीसदी से 241 फीसदी तक चढ़ चुके हैं।
Bharat Forge, Bharat Electronics और Larsen & Toubro के शेयरों में 14 -50 फीसदी तक तेजी देखने को मिली है। इस दौरान Sensex और Nifty में से दोनों करीब 4.4 फीसदी चढ़े हैं। डिफेंस शेयरों में इस साल पेश बजट के बाद तेजी देखने को मिली थी। तब फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने अपनी स्पीच में कहा गया था कि सरकार घरेलू डिफेंस इंडस्ट्री को प्राथमिकता देगी। उन्होंने यह भी कहा था कि देश में डिफेंस से जुड़ी रिसर्च और डेवलपमेंट में ज्यादा जोर दिया जाएगा।