Laser Power & Infra IPO: पावर ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन (T&D) इक्विपमेंट बनाने वाली लेजर पावर एंड इंफ्रा लिस्टिंग की तैयारियां एक कदम और आगे बढ़ चुकी है। कंपनी ने RoC (रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज) के पास RHP (रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस) फाइल किया है। इसका ₹742 करोड़ का आईपीओ पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए 9 जुलाई को खुलेगा। हालांकि पिछले साल सितंबर 2025 में SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) के पास दाखिल ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के मुताबिक पहले इस आईपीओ का साइज ₹1200 करोड़ था। सेबी ने फरवरी 2026 में इसके आईपीओ को मंजूरी दी थी। लेजर पावर एंड इंफ्रा की लिस्टेज पियर्स अपार इंडस्ट्रीज (Apar Industries), पॉलीकैब इंडिया (Polycab India), केईआई इंडस्ट्रीज (KEI Industries), डायनमिक केबल्स (Dynamic Cables) और यूनिवर्सल केबल्स (Universal Cables) हैं।
Laser Power & Infra IPO: खास बातें
कोलकाता की गोएल फैमिली के प्रमोटेड कंपनी लेजर पावर एंड इंफ्रा का ₹742 करोड़ का आईपीओ पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए 9 जुलाई को खुलेगा और 13 जुलाई को बंद होगा। एंकर निवेशकों के लिए यह 8 जुलाई को खुलेगा। इस आईपीओ के तहत ₹542 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे तो 3 जुलाई को दाखिल आरएचपी के मुताबिक कंपनी के प्रमोटर्स भी आईपीओ के OFS (ऑफर फॉर सेल) विंडो के जरिए ₹200 करोड़ के शेयरों की बिक्री करेंगे। इस आईपीओ के प्राइस बैंड का ऐलान 6 जुलाई को होगा। इश्यू का आधा हिस्सा QIB (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स), 15% NII (नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स) और बाकी 35% हिस्सा खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित है।
आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 14 जुलाई को फाइनल हो सकता है और स्टॉक मार्केट में शेयरों की एंट्री 16 जुलाई को हो सकती है। आईपीओ के ऑफर फॉर सेल विंडो का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिलेगा। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹499 करोड़ कर्ज हल्का करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
लेजर पावर एंड इंफ्रा के बारे में
पश्चिम बंगाल में अपनी तीन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में लेजर पावर एंड इंफ्रा पावर केबल, कंडक्टर और T&D (ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन) के अन्य पार्ट्स बनाती है। इन यूनिट्स की कुल क्षमता 85,448 टन है। कंपनी अपने EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन बिजनेस के जरिए गांवों में इलेक्ट्रिफिकेशन, पावर डिस्ट्रीब्यूशन इंफ्रास्ट्रक्चर और सबस्टेशन प्रोजेक्ट्स पर भी काम करती है। वित्त वर्ष 2026 में इसके कुल रेवेन्यू में मैन्युफैक्चरिंग की हिस्सेदारी 73% थी और बाकी 27% EPC बिजनेस का।
वित्त वर्ष 2026 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 42% बढ़कर ₹151.6 करोड़ पर पहुंचा था। रेवेन्यू में गिरावट के बावजूद इसे मजबूत ऑपरेटिंग परफॉरमेंस और मार्जिन में विस्तार से सपोर्ट मिला था। सालाना आधार पर कंपनी का रेवेन्यू 9.5% फिसलकर ₹2,326.1 करोड़ पर आ गया लेकिन ऑपरेटिंग प्रॉफिट 20.4% बढ़कर ₹301.4 और ऑपरेटिंग मार्जिन 321 बेसिस प्वाइंट्स बढ़कर 12.95% हो गया। वित्त वर्ष 2026 के आखिरी में इसका ऑर्डर बुक ₹3,243.4 करोड़ था जिसमें ₹1,668.9 करोड़ मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस का था। 17 जून 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक इस पर ₹935.7 करोड़ का कर्ज था।
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