Leapfrog Engineering IPO: आज से खुला EPCC कंपनी का ₹88 करोड़ का आईपीओ, दांव लगाने से पहले जानें हर जरूरी बात

Leapfrog Engineering IPO: लीपफ्रॉग आईपीओ का प्राइस बैंड ₹21 से ₹23 प्रति शेयर तय किया गया है। निवेशक 27 अप्रैल तक इसके लिए बोली लगा सकते हैं। शेयरों का अलॉटमेंट 28 अप्रैल को होगा

अपडेटेड Apr 23, 2026 पर 12:03 PM
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कंपनी ने अपने IPO के जरिए बाजार से ₹88.51 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है

Leapfrog Engineering Services IPO: इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन क्षेत्र की कंपनी लीपफ्रॉग इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड का IPO आज, 23 अप्रैल से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। निवेशक इस SME IPO में 27 अप्रैल तक पैसा लगा सकते हैं। कंपनी ने अपने IPO के जरिए बाजार से ₹88.51 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। आईपीओ मार्केट में चुनिंदा प्राइमरी एक्टिविटी के बीच निवेशकों की नजरें इस IPO पर पर टिकी है।

IPO का साइज और प्राइस बैंड

प्राइस बैंड: ₹21 से ₹23 प्रति शेयर तय किया गया है।


इश्यू का प्रकार: इसमें ₹79.60 करोड़ के नए शेयर जारी किए जाएंगे और ₹8.91 करोड़ का 'ऑफर फॉर सेल' शामिल है।

लॉट साइज: कम से कम 6,000 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी। रिटेल निवेशकों को न्यूनतम 2 लॉट (12,000 शेयर) के लिए ₹1,38,000 का निवेश करना होगा।

लीपफ्रॉग इंजीनियरिंग आईपीओ की महत्वपूर्ण डेट्स

  • खुलने की तारीख: 23 अप्रैल
  • बंद होने की तारीख: 27 अप्रैल
  • अलॉटमेंट: 28 अप्रैल
  • रिफंड/शेयर क्रेडिट: 29 अप्रैल
  • लिस्टिंग: 30 अप्रैल को BSE SME पर

आईपीओ से मिले पैसों का क्या होगा?

Leapfrog Engineering मुख्य रूप से ऑयल एंड गैस, फार्मा और मेटल जैसे उद्योगों के लिए इलेक्ट्रिकल सिस्टम, ऑटोमेशन और फायर सेफ्टी समाधान प्रदान करती है। आईपीओ से मिले पैसों से ₹27 करोड़ से कंपनी एक असेंबलिंग यूनिट लगाएगी और ₹36 करोड़ का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगी।

कैसी है कंपनी की वित्तीय सेहत?

वित्त वर्ष 2024-25 में Leapfrog Engineering Services के वित्तीय प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। कंपनी के ऑपरेशनल रेवेन्यू में पिछले साल के ₹157.85 करोड़ के मुकाबले लगभग 15% की गिरावट आई है, जो घटकर ₹134.66 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू घटने के बावजूद कंपनी के EBITDA में 9.3% के उछाल के साथ ₹21.56 करोड़ रही। मुनाफे (PAT) की बात करें तो कंपनी ने ₹16.22 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया है, जो पिछले साल के ₹16.39 करोड़ के मुकाबले थोड़ा कम है। वहीं, चालू वित्त वर्ष (FY26) के शुरुआती 9 महीनों (31 दिसंबर 2025 तक) में कंपनी ने ₹101 करोड़ का रेवेन्यू और ₹14.18 करोड़ का शानदार मुनाफा कमाकर मजबूत रिकवरी के संकेत दिए हैं।

ग्रे मार्केट में क्या है हाल?

आईपीओ मार्केट पर नजर रखने वाले जानकारों के मुताबिक, फिलहाल इस IPO को लेकर निवेशकों का उत्साह थोड़ा ठंडा नजर आ रहा है। इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम ₹0 पर है। इसका मतलब है कि अनौपचारिक बाजार में यह अपने इश्यू प्राइस ₹23 पर ही ट्रेड कर रहा है, यानी अभी के अनुमानों के अनुसार लिस्टिंग पर कुछ खास मुनाफा मिलने के संकेत नहीं दिख रहे हैं।

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