एथनॉल आधारित केमिकल बनाने वाली कंपनी गोदावरी बायोरिफाइनरीज की शेयर बाजार में लिस्टिंग ज्यादा प्रीमियम पर होने की संभावना नहीं है। हालांकि,तेज करेक्शन के बाद पिछले कुछ दिनों में शेयर बाजार में रिकवरी देखने को मिली है। कंपनी का स्टॉक 30 अक्टूबर को लिस्ट होना है। कंपनी का सब्सक्रिप्शन का आंकड़ा ज्यादा उत्साहजनक नहीं रहा। जानकारों के मुताबिक, हाई वैल्यूएशन की वजह से लिस्टिंग में उत्साह देखने को नहीं मिल सकता है।
मुंबई की इस कंपनी के IPO को अक्टूबर 23-25 के दौरान सिर्फ 1.83 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था, जबकि क्वॉलिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स ने और रिटेल इनवेस्टर्स ने अपने लिए आरक्षित हिस्से के मुकाबले क्रमशः 2.76 गुना और 1.71 गुना बिडिंग की थी। हालांकि, 90 पर्सेंट बिड के साथ नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के कोटा को पूरा सब्सक्रिप्शन भी नहीं मिला।
फर्म ने 352 रुपये प्रति शेयर के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से 554.75 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इसमें 325 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू है, जबकि ऑफर फॉर सेल के जरिये 65.26 शेयरों की बिक्री कर 229.75 करोड़ रुपये हासिल किए गए हैं। स्टॉक्सबॉक्स के रिसर्च एनालिस्ट प्रथमेश मस्देकर ने बताया, ' गोदावरी बायोरिफाइनरीज अपर प्राइस बैंड से 1.5 प्रीमियम पर लिस्ट होने की संभावना है।'
भारतीय एथनॉल मार्केट 2023 के 7 अरब डॉलर से 2028 में बढ़कर 17.5 अरब डॉलर तक पहुंच जाने की उम्मीद है यानी इस दौरान इसमें 20 पर्सेंट CAGR की ग्रोथ देखने को मिलेगी। एथनॉल के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए यह अनुमान पेश किया गया है।