LIC IPO की एंकर इनवेस्टर्स लिस्ट में शामिल होंगी दुनिया की कौन-कौन सी दिग्गज कंपनियां?

LIC के आईपीओ को लेकर एक समय इंडिया में वैसी ही धूम थी, जैसी अरामको के आईपीओ को लेकर सऊदी अरब में थी। अरामको 2019 में स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट हुई थी। यह IPO 2.21 लाख करोड़ रुपये (29 अरब डॉलर) का था

अपडेटेड Apr 29, 2022 पर 12:21 PM
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सरकार एलआईसी के कुल 22.13 करोड़ शेयर इस आईपीओ के जरिए बेचेगी। इस तरह वह इस इश्यू से करीब 20,557 करोड़ रुपये जुटाएगी।

LIC IPO में निवेश की चाहत सिर्फ रिटेल इनवेस्टर्स में ही नहीं है। दुनिया की दिग्गज कंपनियां और इनवेस्टर्स इसमें पैसे लगाना चाहते हैं। इनमें नॉर्वे, सिंगापुर और अबुधाबी के सॉवरेन वेल्थ फंड्स शामिल हैं। ये एंकर इनवेस्टर्स होंगे। एंकर इनवेस्टर्स के लिए इस इश्यू के 2 मई को खुलने की उम्मीद है।

सूत्रों ने बताया कि सोमवार को एंकर इनवेस्टर्स के नामों का ऐलान हो सकता है। बताया जाता है कि नोर्गेस बैंक इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट, जीआईसी पीटीई और अबुधाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी बतौर एंकर इनवेस्टर्स इस इश्यू में पैसे लगा सकते हैं। हालांकि, इस बारे में ADIA, LIC और नॉर्वे के वेल्थ फंड्स ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

LIC के आईपीओ को लेकर एक समय इंडिया में वैसी ही धूम थी, जैसी अरामको के आईपीओ को लेकर सऊदी अरब में थी। अरामको 2019 में स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट हुई थी। यह IPO 2.21 लाख करोड़ रुपये (29 अरब डॉलर) का था। माना जा रहा था कि एलआईसी के आईपीओ से इंडिया स्टॉक मार्केट की गहराई का पता चलेगा।


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लेकिन, सरकार ने इस आईपीओ का साइज घटाकर बहुत कम कर दिया। ब्लूमबर्ग ने कहा है कि लो वैल्यू मल्टीपल और ऑफर साइज में कमी से एलआईसी के आईपीओ में इनवेस्टर्स की शानदार दिलचस्पी देखने को मिल सकती है।

हेलियोस कैपिटल के फाउंडर और फंड मैनेजर समीर अरोड़ा ने कहा है कि एलआईसी के आईपीओ में शेयर का जो प्राइस रखा गया है, वह अट्रैक्टिव है। उन्होंने बताया कि करेंट वैल्यूएशन के आधार पर शेयर की कीमत काफी सस्ती लगती है। उन्होंने इस आईपीओ में निवेश करने की सलाह दी।

उन्होंने कहा, "LIC के इश्यू से जुड़ा एकमात्र मसला इसका लो फ्लोट है।" इसका मतलब है कि बाजार में खरीद-फरोख्त के लिए LIC के ज्यादा शेयर उपलब्ध नहीं होंगे। सरकार ने एलआईसी के एक शेयर की जो कीमत तय की है, उसके हिसाब से कंपनी की वैल्यूएशन करीब 6 लाख करोड़ रुपये बैठती है। यह पहले 17 लाख करोड़ रुपये की अनुमानित वैल्यूएशन से बहुत कम है। इसका मतलब है कि सरकार ने इनवेस्टर्स के लिए थोड़ी वैल्यू छोड़ने की कोशिश की है।

सरकार एलआईसी के कुल 22.13 करोड़ शेयर इस आईपीओ के जरिए बेचेगी। इस तरह वह इस इश्यू से करीब 20,557 करोड़ रुपये जुटाएगी। पहले सरकार की योजना इस आईपीओ से करीब 60,000 करोड़ रुपये जुटाने की थी।

इनवेस्टर्स को LIC के आईपीओ में एक लॉट यानी कम से कम 15 शेयरों के लिए अप्लाई करना होगा। अगर कोई इनवेस्टर ज्यादा शेयरों के लिए बोली लगाना चाहता है तो वह 15 शेयरों के मल्टीपल में बोली लगा सकता है।

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