LIC IPO: शेयर अलॉटमेंट के बाद इनवेस्टर्स खुश हैं या मायूस? जानिए उन्होंने क्या कहा

LIC ने प्रति शेयर 949 रुपये के प्राइस (Share Allotment Price) पर शेयर अलॉट किया है। अब इनवेस्टर्स की नजरें इस शेयर की लिस्टिंग पर हैं

अपडेटेड May 13, 2022 पर 3:54 PM
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मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अलॉटमेंट के आंकड़ों को देखने से ऐसा लगता है कि पॉलिसीहोल्डर्स कैटेगरी में ज्यादा सब्सक्रिप्शन का असर शेयरों के अलॉटमेंट पर पड़ा है। इस कैटेगरी में यह इश्यू 6 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ था।

LIC ने शेयरों का आवंटन कर दिया है। कंपनी ने बोली लगाने वाले इनवेस्टर्स को गुरुवार देर रात शेयर अलॉट (Allotment of LIC Shares) कर दिए। कंपनी ने प्रति शेयर 949 रुपये के प्राइस (Share Allotment Price) पर शेयर अलॉट किया है। अब इनवेस्टर्स की नजरें इस शेयर की लिस्टिंग पर हैं। एलआईसी के शेयर 17 मई को बीएसई और एनएसई में लिस्ट (Listing of LIC Shares) होंगे। फिर, इनवेस्टर्स बीएसई और एनएसई में इस शेयर को खरीद और बेच सकेंगे।

मनीकंट्रोल ने एलआईसी के शेयरों के अलॉटमेंट के बाद इनवेस्टर्स की प्रतिक्रिया जानने की कोशिश की। इसके लिए इस आईपीओ में बोली लगाने वाले कई इनवेस्टर्स से बात की।

गाजियाबाद के दिनेश शर्मा ने बताया कि उन्होंने रिटेल कैटेगरी और पॉलिसीहोल्डर्स कैटेगरी में अप्लाई किया था। इसका मतलब है कि उन्होंने दोनों ही कैटेगरी में अप्लाई किया था। उन्हें पॉलिसीहोल्डर्स कैटेगरी में शेयर अलॉट नहीं हुए हैं। रिटेल में उन्होंने दो लॉट के लिए बोली लगाई थी। उन्हें एक लॉट अलॉट हुआ है। यह पूछने पर कि क्या वे अलॉटमेंट से खुश हैं, उन्होंने कहा कि बाजार की स्थिति बहुत डांवाडोल है। इसलिए अलॉटमेंट से वे ज्यादा उत्साहित नहीं हैं।


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दिल्ली के 40 साल के अभिषेक कुकरेजा एक आईटी फर्म में काम करते हैं। उन्होंने सिर्फ पॉलिसीहोल्डर्स कैटेगरी में बोली लगाई थी। उन्हें शेयर अलॉट नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि शेयर अलॉट नहीं होने से थोड़ी निराशा है, क्योंकि मैंने लिस्टिंग गेंस के लिए बोली नहीं लगाई गई थी। मेरा इनवेस्टमेंट लॉन्ग टर्म का था। उन्होंने कई कंपनियों के शेयरों में निवेश किया है।

लखनऊ के सौरव यादव सेल्फ-एंप्लॉयड हैं। 32 साल के सौरव ने कहा कि उन्होंने पॉलिसीहोल्डर्स और रिटेल दोनों ही कैटेगरी में बोली लगाई थी। पॉलिसीहोल्डर्स कैटेगरी में उनका अप्लिकेशन रिजेक्ट हो गया। लेकिन, लेकिन रिटेल में शेयर अलॉट हुए हैं। उन्होंने कहा कि वह खुश हैं कि पॉलिसीहोल्डर्स कैटेगरी में उन्हें शेयर अलॉट नहीं हुए। इसकी वजह पूछने पर उन्होंने कहा कि स्टॉक मार्केट की स्थिति दिन-ब-दिन खराब हो रही है।

गुड़गांव के 41 साल के सोहन गोयल एलआईसी एजेंट हैं। उन्होंने अपने नाम से पॉलिसीहोल्डर कोटा में दो लॉट के लिए अप्लाई किया था। उन्हें एक भी लॉट नहीं मिला। हालांकि, उन्होंने पत्नी के नाम से रिटेल कैटेगरी में एक लॉट के लिए बोली लगाई थी। उनकी पत्नी को एक लॉट अलॉट हुआ है। यह पूछने पर कि पत्नी को शेयर अलॉट होने पर उनकी प्रतिक्रिया क्या है, उन्होंने कहा कि हमने लंबी अवधि के लिए इस आईपीओ में इनवेस्ट किया था। इसलिए बाजार के खराब हालात के बावजूद हमें कोई चिंता नहीं है।

यह साफ है कि एलआईसी के आईपीओ में ज्याादतर इनवेस्टर्स ने लॉन्ग टर्म के लिए इनवेस्ट किया है। ऐसे इनवेस्टर्स स्टॉक मार्केट के मौजूदा माहौल से फिक्रमंद नहीं हैं। उनका मानना है कि मार्केट अभी करेक्शन के फेज में है। इस फेज के पूरा होने के बाद फिर से अच्छी तेजी देखने को मिलेगी। उन्हें लिस्टिंग को लेकर भी कोई चिंता नहीं है।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अलॉटमेंट के आंकड़ों को देखने से ऐसा लगता है कि पॉलिसीहोल्डर्स कैटेगरी में ज्यादा सब्सक्रिप्शन का असर शेयरों के अलॉटमेंट पर पड़ा है। इस कैटेगरी में यह इश्यू 6 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ था। इसके मुकाबले रिटेल में करीब दो गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसलिए रिटेल कैटेगरी में बोली लगाने वाले इनवेस्टर्स को पॉलिसीहोल्डर्स के मुकाबले शेयर अलॉट होने का रेशियो ज्यादा है।

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