LIC IPO: देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC ने इश्यू के लिए 13 फरवरी रविवार को अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्ट्स (DRHP) सेबी को जमा कर दिया था। इस ड्राफ्ट के मुताबिक, कंपनी देश की अलग-अलग अदालतों में 74,894.5 करोड़ रुपए टैक्स बकाया का केस लड़ रही है।
मिंट के मुताबिक, कुल 63 मामले टैक्स से जुड़े हैं जिनमें 37 डायरेक्ट टैक्स के हैं। यह 72,762.3 करोड़ रुपए का केस है। जबकि बाकी 26 केस इनडायरेक्ट टैक्स से जुड़े हैं जो 2,132.3 करोड़ रुपए के हैं। LIC के टैक्स से जुड़े कुछ केस सरकार के खिलाफ ही हैं।
मिंट के मुताबिक, अगर हम LIC के टैक्स केस पर नजर डालें तो पता चलेगा कि यह रकम कई सालों में जमा हुई है। इनमें से ज्यादातर मामलों में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने आरोप लगाया है कि LIC ने 2005 से कई असेसमेंट ईयर में अपनी कुल आमदनी गलत दिखाई है।
LIC के DRHP के मुताबिक, अगर कंपनी केस हार जाती है तो टैक्स लायबिलिटीज कवर करने के लिए कुछ फंड अलग नहीं रखा है। इस तरह के मामले कुल 24,728.03 करोड़ रुपए के हैं। सरकारी बीमा कंपनी मार्च 2022 में लिस्ट होने की तैयारी में है और कंपनी करीब 75,000 करोड़ रुपए का इश्यू लेकर आ रही है।
मिंट के मुताबिक, इस मामले में LIC के प्रवक्ता ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। कंपनी की ताजा फाइनेंशियल रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर 2022 तिमाही तक कंपनी के पास 26,122.95 करोड़ रुपए कैश और कैश इक्विवैलेंट था। फिस्कल ईयर 2021 में यह 36,117.68 करोड़ रुपए था। इससे पहले फिस्कल ईयर में यह 63,194.34 करोड़ रुपए था। जबकि फिस्कल ईयर 2019 में यह 67,905.95 करोड़ रुपए था।