LIC IPO में विदेशी निवेश की राह हुई साफ, DPIIT ने 20% FDI के नियम को किया नोटिफाई

DPIIT ने सोमवार को एलआईसी में 20% तक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की इजाजत देने के सरकार के फैसले को नोटिफाई यानी अधिसूचित कर दिया है

अपडेटेड Mar 14, 2022 पर 10:08 PM
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LIC IPO में विदेशी निवेश की राह हुई साफ

LIC IPO: देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी (Life Insurance Corporations of India) में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी FDI की राह अब साफ हो गई है। डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) ने सोमवार को एलआईसी में 20 फीसदी तक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की इजाजत देने के सरकार के फैसले को नोटिफाई यानी अधिसूचित कर दिया। इसके साथ ही सरकार अब एलआईसी में ऑटोमैटिक रूट से 20 फीसदी तक हिस्सेदारी विदेशी निवेशकों को बेच सकती हैं।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले महीने देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी की विनिवेश प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए 20% तक विदेशी निवेश के फैसले को मंजूरी दी थी। एफडीआई की मंजूरी से फॉरेन फंड देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी के आईपीओ में पैसे लगा सकेंगे।

क्यों पड़ी इसकी जरूरत?

इंश्योरेंस सेक्टर को लेकर अभी FDI की जो नीतिक है, उसके मुताबिक विदेशी निवेशक बीमा कंपनियों में ऑटोमैटिक रूट से 74 फीसदी तक विदेशी निवेश कर सकते हैं। हालांकि यह नियम LIC पर लागू नहीं होता है क्योंकि LIC का रजिस्ट्रेशन किसी कंपनी एक्ट के तहत नहीं हुआ है, बल्कि इसकी स्थापना संसद में कानून लाकर किया गया है, LIC Act कहा जाता है। अब सरकार ने इसमें बदलाव के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।


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IPO में अब निवेश कर सकेंगे विदेशी निवेशक

SEBI रूल्स के मुताबिक, पब्लिक ऑफर के तहत फॉरेने पोर्टफोलियो इनवेस्टमेंट (FPI) और फॉरेन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट की इजाजत है। लेकिन, चूंकि LIC Act में विदेशी निवेश के लिए कोई प्रावधान नहीं है, इसलिए इसके आईपीओ में फॉरेन फंड्स इनवेस्ट नहीं कर पाते। कैबिनेट के एफडीआई पॉलिसी में बदलाव करने के बाद अब फॉरेन फंड एलआईसी के आईपीओ में पैसे लगा सकेंगे।

20 फीसदी ही लिमिट क्यों?

सरकारी बैंकों में एफडीआई की लिमिट 20 फीसदी है। इसलिए एलआईसी के लिए भी 20 फीसदी की लिमिट रखी गई है। सूत्रों ने बताया कि एफडीआई की इजाजत से एलआईसी के आईपीओ में फॉरेन इनवेस्टर्स अच्छी दिलचस्पी दिखा सकते हैं।

पिछले साल जुलाई में कैबिनेट में LIC के आईपीओ के प्रस्ताव को इजाजत दी थी। अब इस आईपीओ की तैयारी पूरी हो चुकी है। उम्मीद है कि मार्च में यह आईपीओ बाजार में आ जाएगा। सरकार इस इश्यू से 60 से 90 हजार करोड़ रुपये जुटा सकती है।

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