रिलायंस न्यू एनर्जी (Reliance New Energy) ने 14 मार्च को यह ऐलान किया कि वह 6.1 करोड़ डॉलर में लिथियम रेक्स (Lithium Werks) के एसेट्स खरीद रही है। इन एसेट्स में Lithium Werks के पेटेंट वाले सभी प्रोडक्ट्स, चीन का मैन्युफैक्चरिंग प्लांट और अहम बिजनेस कॉन्ट्रैक्ट्स खरीद रही हैं। इसमें मौजूदा कर्मचारियों की हाइरिंग को लेकर चिंता बनी हुई है।
लिथियम आयरन फॉस्फेट बैटरीज की डिमांड बढ़ने और लिथियम रेक्स के पास LFP सॉल्यूशंस का इंटीग्रेटेड पोर्टफोलियो होने के कारण रिलायंस ने यह डील की है। इससे रिलायंस का मकसद ग्लोबल डिमांड पूरा करके फायदा उठाने का है।
रिलायंस ने कहा, "लिथियम रेक्स और फाराडियोन लिमिटेड (Faradion Limited) मिलकर रिलायंस के टेक्नोलॉजी पोर्टफोलियो को मजबूत करेंगे। इसके साथ ही रिलायंस के पास LFP का पेटेंट और अनुभवी मैनेजमेंट टीम रहेगी। इस टीम के पास सेल केमिस्ट्री, कस्टम मॉड्यू्ल्स, पैकिंग और बड़े पैमाने पर बैटरी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट चलाने का अनुभव है।" सोडियम-आयन सेल केमिस्ट्री में ग्लोबल लीडर फाराडियोन लिमिटेड का अधिग्रहण रिलायंस ने हाल ही में किया था।
रिलायंस ने कहा है कि वह Lithium Werks के सीनियर मैनेजमेंट के अनुभव के साथ टेक्नोलॉजी और फाराडियोन के अधिग्रहण से एंड-टू-एंड इकोसिस्टम तैयार हो गया है।
Lithium Werks की शुरुआत 2017 में हुई थी। यह एक कोबाल्ट फ्री लिथियम बैटरी टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग कंपनी ह। इसका कारोबार अमेरिका, यूरोप और चीन में है। जबकि इसके कस्टमर्स दुनिया भर में हैं।
इसकी बैटरी का इस्तेमाल इंडस्ट्रियल, मेडिकल, मरीन, एनर्जी स्टोरेज, कमर्शियल ट्रांसपोर्टेशन और दूसरी एप्लिकेशंस में होता है।