LIC के IPO से जुड़े क्या हैं खतरें? SEBI के एक नियम ने क्यों बढ़ा दी है एनालिस्ट्स की चिंता

LIC का बहुप्रतीक्षित इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) अब बस कुछ ही दिनों में आने वाला है, हालांकि इसे लेकर एनालिस्ट्स के मन में कई सवाल भी हैं

अपडेटेड Feb 21, 2022 पर 4:09 PM
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LIC अपनी 5% हिस्सेदारी IPO के जरिए बेचेगी

देश की सबसे बड़ी और सरकारी बीमा कंपनी LIC (Life Insurance Corporation of India) का बहुप्रतीक्षित इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) अब बस कुछ ही दिनों में आने वाला है। साल 2021 में IPO के जरिए विभिन्न कंपनियों ने रिकॉर्ड 1.2 लाख करोड़ रुपये जुटाए थे। LIC अपने आईपीओ से सिर्फ अकेले इसकी करीब आधी राशि जुटाने वाली है, वह सिर्फ अपनी 5 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर। यह भारतीय बाजार में एलआईसी की ताकत को दिखाता है।

लिस्टिंग के बाद, LIC मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) और टाटा कंसल्टेंसीज सर्विसेज (TCS) के बाद तीसरी सबसे बड़ी कंपनी होगी।

बाजार भी LIC के IPO का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। निवेशकों में भी इसे लेकर दिलस्पी देखने को मिल रही है। हालांकि इन सब जोश और उत्साह के बीच कुछ खतरे भी हैं, जिन्हें निवेशकों को जरूर ध्यान में रखना चाहिए।


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LIC के IPO में करीब 35 पर्सेंट हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व रखने की बात आ रही है। यह करीब 11 करोड़ शेयर होगा। पिछले साल अक्टूबर तक भारत में सिर्फ 7.3 करोड़ लोगों के पास डीमैट अकाउंट थे। ऐसे में यह देखना होगा कि रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्सा कितना भर पाता है या इसे हिस्से को कितना गुना अधिक बोली मिलती है।

इसके अलावा एक बड़ी चिंता सेबी के नियम को लेकर है, जिसके तहत शेयर बाजार में लिस्ट होने वाली किसी भी कंपनी को तीन साल के अंदर तक 25 फीसदी हिस्सेदारी पब्लिक के लिए रिजर्व रखनी होती है। LIC अपनी 5 फीसदी हिस्सेदारी ही IPO के जरिए बेच रही है। इसका मतलब है कि LIC को अगले तीन साल के अंदर अपनी 20 फीसदी और हिस्सेदारी बेचनी होगी। इस तरह LIC को हर साल औसतन अपने करीब 42 करोड़ शेयर पब्लिक को बेचने होंगे, जिनकी कुल कीमत करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये होगी।

एनालिस्ट्स इस बात को लेकर चिंतित है कि क्या बाजार इतनी भारी संख्या में शेयरों की सप्लाई को संभाल पाएगा? अगर ऐसा नहीं हुआ तो क्या सरकार LIC के लिए कोई विशेष कानून बना उसे 25 फीसदी पब्लिक हिस्सेदारी के नियम से छूट देगी? सेबी की इस मामले में क्या भूमिका होगी? इन सब सवालों को लेकर स्थिति अभी साफ नहीं है।

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