LIC का आईपीओ आज (9 मई) बंद हो जाएगा। यह इश्यू पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया है। सोमवार दोपहर 1:30 बजे तक यह इश्यू 2.28 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। इसे ज्यादा रिस्पॉन्स पॉलिसीहोल्डर्स से मिला है। इस कोटे में यह इश्यू 5.53 गुना सब्सक्राइब हुआ है। रिटेल इनवेस्टर्स कैटेगरी में भी यह 1.5 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हो चुका है। रिटेल कैटेगरी में 60 लाख से ज्यादा एप्लिकेशंस मिले हैं। आज तक किसी आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स की तरफ से 60 लाख एप्लिकेशंस नहीं मिले थे।
इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 35 फीसदी कोटा तय है। कंपनी इस इश्यू के तहत 16 करोड़ से ज्यादा शेयर इश्यू करेगी। इसमें 4 करोड़ से ज्यादा शेयर रिटेल इनवेस्टर्स को जारी करेगी। रिटेल इनवेस्टर्स पॉलिसीहोल्डर्स और इंप्लॉयीज कैटेगरे में वह 9.29 करोड़ शेयर जारी करने वाली है। सोमवार शाम तक सब्सक्रिप्शन के डेटा बढ़ने की उम्मीद है।
एलआईसी के आईपीओ ने रिटेल इनवेस्टर्स के एप्लिकेशंस की संख्या के लिहाज से रिकॉर्ड बनाया है। इससे पहले अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस पावर के आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कैटेगरी में 48 लाख एप्लिकेशंस आए थे। रिलायंस पावर का आईपीओ जनवरी 2008 में आया था। कंपनी ने 405 से 450 रुपये का प्राइस बैंड तय किया था। इस आईपीओ को इनवेस्टर्स का जबर्दस्त रिस्पॉन्स मिला था।
रिलायंस पावर का आईपीओ 73 गुना सब्सक्राइब हुआ था। रिटेल कैटेगरी में यह इश्यू 14 गुना सब्सक्राइब हुआ था। एप्लिकेशंस की संख्या के लिहाज से यह आईपीओ अब दूसरे नंबर पर आ गया है। तीसरे नंबर पर ग्लेनमार्क लाइफ साइंसेज का आईपीओ है। कंपनी ने पिछले आईपीओ लॉन्च किया था।
ग्लेनमार्क का आईपीओ सिर्फ 1,514 करोड़ रुपये का था। इस आईपीओ को 39 लाख एप्लिकेशंस मिले थे। इस तरह रिलायंस पावर के बाद तीसरे नंबर पर है। लेकिन, खास बात यह है कि जब यह आईपीओ आया था, तब मार्केट की स्थिति खराब नहीं थी। यह आईपीओ जुलाई में आया था। तब सेंसेक्स करीब 53,000 पर था। अभी सेंसेक्स पिछले साल अक्टूबर में 61,000 अंक के अपने पीक से काफी नीचे आ चुका है।
एलआईसी का आईपीओ 17 जून को स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होगा। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स की दिलचस्पी की एक वजह उन्हें मिलने वाला डिस्काउंट है। एलआईसी ने पॉलिसीहोल्डर्स को सबसे ज्यादा 60 रुपये प्रति शेयर का डिस्काउंट दिया था। यही वजह है कि इस कैटेगरी में यह इश्यू 5 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ है।