LIC IPO: सरकार ने देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी Life Insurance Corporation of India (LIC) के इश्यू में अब 3.5% हिस्सेदारी बेचेगी। पहले सरकार 5% स्टेक बेचने वाली थी। हालांकि अगर मार्केट में इश्यू की डिमांड अच्छी रही तो यह लिमिट 3.5% से बढ़ाकर 5% तक हो सकती है।
इस मामले की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने बताया कि सरकार 3.5% हिस्सेदारी बेचकर 21,000 करोड़ रुपए जुटाने की तैयारी में है। मनीकंट्रोल स्वतंत्र तरीके से इस खबर की अभी पुष्टि नहीं करता है।
बिजनेस स्टैंडर्ड से बात करने वाले अधिकारी के मुताबिक, IPO का साइज 5% से घटाकर 3.5% कर दिया है। इससे पहले LIC ने सेबी में जमा किए DRHP में 5% हिस्सेदारी बेचने की जानकारी दी थी।
सरकार 3.5% स्टेक बेचकर 21,000 करोड़ रुपए जुटाएगी। इस हिसाब से LIC का वैल्यूएशन 6 लाख करोड़ रुपए होता है। यह कंपनी की एम्बेडेड वैल्यू 5.39 लाख करोड़ रुपए से 1.1 गुना ज्यादा है।
रॉयटर्स के मुताबिक, LIC का इश्यू मई के पहले हफ्ते में लॉन्च हो सकता है। माना जा रहा है कि 27 अप्रैल तक इस बात का पता चल जाएगा कि कंपनी के इश्यू में रिजर्वेशन, डिस्काउंट, इश्यू डेट और इश्यू प्राइस की जानकारी दी जाएगी।
एक इनवेस्टमेंट बैंकिंग सोर्स ने न्यूज एजेंसी को बताया, "फिलहाल मार्केट में नए IPO की डिमांड बिल्कुल नहीं है। बाजार के उतारचढ़ाव को देखते हुए निवेशक बेहद सावधानी से पैसा लगा रहे हैं। ऐसे में ज्यादा हिस्सेदारी बेचना सही फैसला नहीं होगा।"
12 मई तक है इश्यू लाने का टाइम
सरकार ने सेबी से LIC के इश्यू लाने की जो मंजूरी ली थी, उसके मुताबिक 12 मई तक का टाइम है। अगर LIC का IPO 12 मई तक नहीं आ पाता है तो फिर सरकार को दोबारा सेबी में आवेदन जमा करना होगा।LIC का IPO भारतीय शेयर बाजार का सबसे बड़ा इश्यू होगा। इसकी मदद से सरकार फिस्कल ईयर 2023 में 65,000 करोड़ रुपए का डिस्इनवेस्टमेंट टारगेट हासिल कर सकती है।
फिस्कल ईयर 2023 के विनिवेश टारगेट की बात करें तो सरकार ने 19 अप्रैल तक ऑफर फॉर सेल के तहत ONGC में स्टेक बेचकर 3026 करोड़ रुपए जुटा लिए हैं।देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC का मार्केट शेयर पिछले फिस्कल ईयर में 63.25% रहा जो एकसाल पहले के मुकाबले कम है। हालांकि मार्च 2022 में कंपनी का प्रीमियम कलेक्शन एक साल पहले के मुकाबले 51% बढ़कर 42,319.22 करोड़ रुपए रहा।