Get App

LIC के IPO से सरकार के खजाने में आए 20,560 करोड़ रुपये, अब नजरें लिस्टिंग पर

स्टॉक मार्केट में कमजोर सेंटिमेंट का असर एलआईसी के आईपीओ पर भी पड़ा है। ग्रे मार्केट में एलआईसी के शेयर में शुक्रवार को करीब 30 रुपये डिस्काउंट पर खरीद-फरोख्त हो रही है। इससे यह माना जा रहा है कि 17 मई को बीएसई और एनएसई में एलआईसी के शेयर की लिस्टिंग कमजोर रह सकती है

MoneyControl Newsअपडेटेड May 13, 2022 पर 2:52 PM
LIC के IPO से सरकार के खजाने में आए 20,560 करोड़ रुपये, अब नजरें लिस्टिंग पर
ब्लूमबर्ग के मुताबिक, इस साल दुनिया में आए आईपीओ में एलआईसी चौथा सबसे बड़ा आईपीओ है।

सरकार के खजाने में एलआईसी के आईपीओ (LIC IPO) से 20,560 करोड़ रुपये आए हैं। यह इंडिया का सबसे बड़ा आईपीओ (India's Biggest IPO) था। पॉलिसीहोल्डर्स ने इस इश्यू में सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई। इश्यू बंद होने से ठीक पहले फॉरेन इनवेस्टर्स ने भी अच्छी बोली लगाई। एलआईसी ने इनवेस्टर्स को प्रति शेयर 949 रुपये की दर से शेयर अलॉट किए हैं। कंपनी ने 902 से 949 रुपये प्राइस बैंड तय किया था। यह शेयर 17 मई को बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) पर लिस्ट होगा।

एलआईसी के आईपीओ की तुलना सऊदी अरब की ऑयल कंपनी सऊदी अरामको से की जा रही थी। अरामको ने 2019 में आईपीओ से 29.4 अरब डॉलर जुटाए थे। यह एलआईसी के 2.7 अरब डॉलर के आईपीओ के मुकाबले 10 गुना है। एलआईसी का आईपीओ बड़ा होने के बावजूद आसानी से सब्सक्राइब हो गया। यह सरकार के लिए राहत की बात है। सरकार पिछले दो-ढाई साल से एलआईसी का आईपीओ लाने का प्लान बना रही थी।

यह भी पढ़ें : SBI Q4 Results: मुनाफा 41% बढ़कर 9113.5 करोड़ रुपए रहा, 7.10 रुपए प्रति शेयर डिविडेंड का एलान

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, इस साल दुनिया में आए आईपीओ में एलआईसी चौथा सबसे बड़ा आईपीओ है। एलआईसी का आईपीओ ऐसे समय लॉन्च हुआ, जब दुनियाभर के स्टॉक मार्केट में सेंटिमेंट बहुत कमजोर है। यूक्रेन क्राइसिस की वजह से इनफ्लेशन बढ़ा है। इनफ्लेशन को काबू में करने के लिए दुनियाभर के केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट्स बढ़ा रहे हैं। माना जा रहा है कि इसका सीधा असर इकोनॉमी की ग्रोथ पर पड़ेगा।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें