LIC IPO : सरकार ने लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (Life Insurance Corp) यानी LIC के IPO के लिए मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) के पास अपडेटेड ड्राफ्ट पेपर फाइल के हैं। न्यूज एजेंसी पीटीआई एक अधिकारी का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें बीमा कंपनी के दिसंबर तिमाही के नतीजे शामिल किए गए हैं।
सरकार ने फरवरी में सितंबर तक के नतीजों का ब्योरा देते हुए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल किया था। सेबी (SEBI) ने हाल में DRHP को मंजूरी दे दी थी। रूस-यूक्रेन टकराव (Russia-Ukraine conflict) के चलते LIC का IPO अप्रैल के मध्य से मई तक के लिए टल गया है।
अभी 12 मई तक है IPO लाने का मौका
सरकार के पास मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास नए पेपर फाइल किए बिना 12 मई तक LIC का IPO लॉन्च करने का मौका है। हाल में विनिवेश सचिव तुहीन कांत पांडे ने कहा था कि सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी के ऑफर में निवेशकों की अच्छी दिलचस्पी है, लेकिन केंद्र सफल लिस्टिंग का भरोसा होने पर ही IPO लाएगी।
सरकार को 60,000 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद
सरकार को LIC के लगभग 31.6 करोड़ शेयरों या पांच फीसदी हिस्सेदारी की बिक्री के जरिए करीब 60,000 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद है। पब्लिक इश्यू को मूल रूप से मार्च तक लॉन्च करने की योजना थी, लेकिन रूस-यूक्रेन क्राइसिस (Russia-Ukraine crisis) के चलते योजनाओं में बदलाव करना पड़ रहा है।
दिसंबर तिमाही में एलआईसी को 235 करोड़ का प्रॉफिट
IPO से पहले LIC ने तीसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए। वेबसाइट के मुताबिक, अक्टूबर-दिसंबर, 2021 तिमाही में एलआईसी को 235 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हुआ, जबकि बीते साल समान तिमाही में उसे महज 94 लाख रुपेय का प्रॉफिट हुआ था। अप्रैल से दिसंबर, 2021 यानी नौ महीनों में नेट प्रॉफिट बढ़कर 1,643 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले समान अवधि में यह 7 करोड़ रुपये रहा था।
LIC के प्रॉफिट में बढ़ोतरी मुख्य रूप से उसके सरप्लस डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल में बदलाव की वजह से आई है। LIC के सरप्लस डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल को निजी बीमा कंपनियों के अनुरूप बनाने के लिए एलआईसी एक्ट (LIC Act) में बदलाव किया गया है।