LIC IPO : केंद्र सरकार ने मार्च तक अपने स्वामित्व वाली लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (LIC) ऑफ इंडिया का बहुप्रतीक्षित IPO लॉन्च करने के लिए मार्केट रेगुलेटर SEBI को उसका ड्राफ्ट रेड हेयरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) सौंप दिया है। मनीकंट्रोल ने इसकी जानकारी पहले ही दे दी थी।
इस इश्यू से सरकार को इस वित्त वर्ष में अपना 78,000 करोड़ रुपये का संशोधित विनिविश लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलने का अनुमान है।
DRHP में इश्यू के आकार या वैल्युएशन के संकेत नहीं
अहम बात यह है कि DRHP में इश्यू के आकार या वैल्युएशन के संकेत नहीं किए गए हैं, क्योंकि अभी इनवेस्टर्स से बातचीत जारी है। यह सरकार द्वारा 100 फीसदी ऑफर सेल है, जिसमें LIC का कोई नया शेयर जारी नहीं होगा। कंपनी के लगभग 31.6 करोड़ शेयर बेचे जाएंगे, जो उसकी 5 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर हैं।
एम्बेडेड वैल्यू 5.39 लाख करोड़ रुपये
हालांकि, एम्बेडेड वैल्यू का उल्लेख किया गया है और यह 30 सितंबर, 2021 तक 5.39 लाख करोड़ रुपये थी। एम्बेडेड वैल्यू का इस्तेमाल लाइफ इंश्योरेंस के लिए इस्तेमाल होने वाला एक मीट्रिक है, जिससे मौजूदा बिजनेस से भविष्य में होने वाले सभी प्रॉफिट और शेयरहोल्डर्स की नेटवर्थ का पता चलता है।
31 मार्च, 2021 तक LIC का 28.3 करोड़ पॉलिसी और 13.5 लाख एजेंट के साथ नए बिजनेस प्रीमियम में 66 फीसदी मार्केट शेयर था। पॉलिसीहोल्डर्स, कर्मचारियों और अन्य को संभावित डिस्काउंट पर कंपनी के IPO की लॉन्चिंग के आसपास तस्वीर साफ होने का अनुमान है।
SEBI को सौंपे गए ऑफर डॉक्युमेंट की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं -
ऑफर का उद्देश्य है- (1) स्टॉक एक्सचेंज पर इक्विटी शेयरों की लिस्टिंग के फायदे हासिल करना, (2) सेलिंग शेयरहोल्डर्स द्वारा 31,62,49,885 तक इक्विटी शेयरों की बिक्री के लिए ऑफर लाना। ऑफर से मिली पूरी धनराशि वित्त मंत्रालय, भारत सरकार को मिलेगी।
हमारे कॉरपोरेशन का मुख्य बिजनेस
हमारा कॉरपोरेशन 65 से ज्यादा साल से भारत में लाइफ इंश्योरेंस उपलब्ध करा रहा है और भारत की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी है। प्रीमियम में 64.1 फीसदी, नए बिजनेस प्रीमियम में 66.2 फीसदी, पॉलिसी की संख्या में 74.6 फीसदी मार्केट शेयर है।
वित्त वर्ष 2021 के अंत तक पांच साल में इंडस्ट्री का कुल प्रीमियम 11 फीसदी सीएजीआर दर से बढ़ा है। क्रिसिल रिसर्च का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 तक इंडस्ट्री का कुल प्रीमियम 14-15 फीसदी सीएजीआर ग्रोथ के साथ 12.4 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है।