LIC IPO: देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC ने साफ कर दिया है कि पॉलिसीहोल्डर्स और कर्मचारियों के लिए IPO में अलग से शेयर रिजर्व रखा गया है। इसके साथ ही पॉलिसीहोल्डर्स और कर्मचारियों को LIC का इश्यू डिस्काउंट पर दिया जाएगा। LIC के IPO का इंतजार लंबे समय से हो रहा था। 13 फरवरी को सरकार ने सेबी में इश्यू के लिए DRHP दाखिल किया है। इसके बाद इश्यू से जुड़े कई मामलों की जानकारी मिली है।
सेबी में जमा प्रॉस्पेक्ट्स के मुताबिक, इश्यू का मैक्सिमम 10% हिस्सा पॉलिसीहोल्डर्स के लिए रिजर्व होगा। किसी भी सूरत में यह हिस्सा 10% से ज्यादा नहीं हो सकता है। अगर आपकी LIC की पॉलिसी लैप्स हो चुकी है तो भी आप रिजर्व कोटे में बोली लगा सकते हैं।
LIC के कर्मचारियों के लिए 5% हिस्सा रिजर्व होगा। कंपनी के कर्मचारियों और पॉलिसीहोल्डर्स को इश्यू प्राइस पर कितना डिस्काउंट मिलेगा यह इश्यू खुलने से दो दिन पहले पता चलेगा।
DRHP के मुताबिक, LIC का इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल होगा। इसमें सरकार अपनी 5% हिस्सेदारी यानी 31.6 करोड़ शेयर जारी करेगी। इस हिसाब से कंपनी की एम्बेडेड वैल्यू 5.4 लाख करोड़ रुपए होगी।
क्या होती है एम्बेडेड वैल्यू?
एम्बेडेड वैल्यू कैलकुलेशन में बीमा कंपनियों की मौजूदा नेट एसेट वैल्यू (NAV) में भविष्य में होने वाले प्रॉफिट की मौजूदा वैल्यू को भी शामिल कर लिया जाता है।
LIC का IPO इस साल मार्च में आने वाला है। इस इश्यू से मौजूदा फिस्कल ईयर में सरकार 78,000 करोड़ रुपए का अपना रिवाइज डिसइनवेस्टमेंट टारगेट पूरा कर सकती है। अभी तक सरकार ने AIR India बेचेकर और CPSE डिसइनवेस्टमेंट के जरिए 12,030 करोड़ रुपए जुटाए हैं