Goldline Pharmaceutical IPO: फार्मा सेक्टर की दिग्गज कंपनी गोल्डलाइन फार्मास्युटिकल के आईपीओ ने मार्केट में तहलका मचा दिया है। बिडिंग के आखिरी दिन इस आईपीओ को लेकर बाजार में जबरदस्त हलचल है। 12 मई को खुला यह आईपीओ आज यानी 14 मई को बंद हो रहा है। दोपहर 3 बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक, यह आईपीओ 227 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हो चुका है।
रिटेल और NII निवेशकों में सब्सक्रिप्शन को लेकर मची होड़
BSE के डेटा के अनुसार, कंपनी को 18.30 लाख शेयरों के ऑफर के मुकाबले 42.68 करोड़ से ज्यादा शेयरों के लिए बोलियां मिल चुकी हैं:
रिटेल हिस्सा: 267 गुना सब्सक्राइब।
NII (नॉन-इंस्टीट्यूशनल) हिस्सा: 372 गुना सब्सक्राइब।
QIB (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स): 13 गुना सब्सक्राइब।
गोल्डलाइन फार्मास्युटिकल खुद दवाएं नहीं बनाती, बल्कि 'एसेट-लाइट' मॉडल पर काम करती है। कंपनी बाहरी मैन्युफैक्चरर्स से दवाएं बनवाकर अपने 'Goldline' ब्रांड के तहत बेचती है। कंपनी के पास 5 कैटेगरी में कुल 146 प्रोडक्ट्स का पोर्टफोलियो हैं, जिनमें ऑर्थोपेडिक्स, कार्डियोलॉजी, पीडियाट्रिक और ऑन्कोलॉजी (कैंसर केयर) जैसे सेगमेंट शामिल हैं। कंपनी 15 निर्माताओं और 7 डिस्ट्रीब्यूटर्स के साथ मिलकर महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, बिहार और तमिलनाडु जैसे राज्यों में काम कर रही है।
IPO से जुड़ी जरूरी डिटेल्स
प्राइस बैंड: ₹41 से ₹43 प्रति शेयर।
लॉट साइज: कम से कम 3,000 शेयर (₹1,29,000 का निवेश)।
इश्यू साइज: ₹11.61 करोड़ (पूरी तरह से फ्रेश इश्यू)।
उद्देश्य: कंपनी इस फंड का इस्तेमाल ₹8.35 करोड़ का कर्ज चुकाने और सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए करेगी।
क्या आपको निवेश करना चाहिए?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कंपनी का एसेट-लाइट मॉडल और डायवर्सिफाइड प्रोडक्ट पोर्टफोलियो इसे आकर्षक बनाता है। हालांकि, SME IPO में रिस्क ज्यादा होता है और लॉट साइज बड़ा होने के कारण लिक्विडिटी की समस्या हो सकती है। भारी सब्सक्रिप्शन और शानदार GMP को देखते हुए यह शॉर्ट टर्म गेन के लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है।
लेटेस्ट GMP से बंपर लिस्टिंग की उम्मीद
ग्रे मार्केट में इस आईपीओ को लेकर जबरदस्त उत्साह है। आज इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) +25 चल रहा है। ₹43 के ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से शेयर की लिस्टिंग ₹68 पर हो सकती है। यानी निवेशकों को लिस्टिंग वाले दिन ही 58.14% का तगड़ा मुनाफा मिल सकता है।