NSE IPO: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) आईपीओ लाने की तैयारियों में जुटी है। अब सामने आ रहा है कि इस आईपीओ का ड्राफ्ट उम्मीद से पहले ही फाइल हो सकता है। सीएनबीएसी-टीवी18 को सूत्रों के हवाले से यह जानकारी मिली है। जानकारी के मुताबिक एनएसई अपने आईपीओ के DRHP (ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस) दाखिल करने की प्रक्रिया को तेज कर सकता है। एनएसई ने पहले 14 जून 2026 तक आईपीओ का ड्राफ्ट दाखिल करने का लक्ष्य रखा था लेकिन अब इसे जून के शुरुआती दिनों में ही फाइल किया जा सकता है। इसे लेकर एनएसई पहले ही रिकॉर्ड संख्या में मर्चेंट बैंकर की नियुक्ति कर चुका है।
NSE IPO का ड्राफ्ट क्यों हो सकता है जल्द फाइल?
एनएसई के आईपीओ का ड्राफ्ट अब उम्मीद से पहले ही फाइल हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक इसकी वजह ये है कि शुरुआत में आईपीओ के जरिए बड़ी संख्या में खुदरा शेयरहोल्डर्स के शेयरों के बेचने की उम्मीद थी लेकिन फिलहाल ऐसे शेयरहोल्डर्स की संख्या बहुत ही कम है। सूत्रों के मुताबिक 500 से कम रिटेल शेयरहोल्डर्स ही एनएसई के आईपीओ के जरिए अपने शेयरों की बिक्री के लिए तैयार हो रहे हैं।
हालांकि खुदरा निवेशकों की हल्की भागीदारी के बावजूद मौजूदा शेयरहोल्डर्स में एनएसई की 5% इक्विटी बिक्री के लिए पहले ही ऑफर की जा चुकी है। सूत्रों के मुताबिक संस्थागत शेयरधारकों यानी इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स ने लिस्टिंग प्रक्रिया के तहत कुल मिलाकर अपनी मौजूदा होल्डिंग्स का लगभग 10% हिस्सा पेश किया है। एनएसई के शेयरहोल्डर्स की कुल संख्या एक महीने पहले 2 लाख का आंकड़ा पार कर गई थी और अभी यह 2.02 लाख है।
20 मर्चेंट बैंकर्स लगे हैं काम पर
आईपीओ के जरिए एनएसई करीब 4%-5% इक्विटी हल्की कर सकता है। बता दें कि एनएसई के शेयरों की लिस्टिंग का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा है और मार्केट में इसकी इस साल दिसंबर तक एंट्री की संभावना जताई जा रही है और इसका आईपीओ देश के सबसे बड़े आईपीओ में शुमार हो सकता है। इसे लेकर एनएसई ने मार्च में ही 20 मर्चेंट बैंकर्स की नियुक्ति का ऐलान किया था जो देश के किसी भी आईपीओ के लिए अब तक सबसे अधिक है। इस आईपीओ के लिए आठ कानूनी फर्मों को भी काम पर लगाया गया है। श्रीनिवास इंजेती की अध्यक्षता में आईपीओ कमेटी ने इन नियुक्तियों को मंजूरी दी है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।