LIC IPO : लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) का IPO जैसे-जैसे लॉन्चिंग के करीब पहुंच रहा है, इसको लेकर मार्केट में दिलचस्पी और बढ़ती जा रही है। इसका इश्यू मार्केट में आने से पहले LIC से जुड़ा एक सबसे बड़ा आंकड़ा सामने आया है, जिससे भारत के इक्विटी बाजार में उसके स्ट्रैटजिक रोल के बारे में पता चलता है।
ब्रोकरेज वेंचुरा सिक्योरिटीज द्वारा जारी डाटा के मुताबिक, 14 फरवरी 2022 तक बीएसई (BSE) पर लिस्ट 5,249 स्टॉक्स की कुल 255.4 लाख करोड़ रुपये की मार्केट कैप में LIC की 3.7 फीसदी (9.4 लाख करोड़ रुपये) का स्वामित्व था, जो विभिन्न कंपनियों में उसकी हिस्सेदारी के जरिये थी।
लिस्टेड कंपनियों की शेयरहोल्डिंग में है अहम भूमिका
ब्रोकरेज ने अपनी रिसर्च रिपोर्ट में कहा, “यह कई लिस्टेड कंपनियों की शेयरहोल्डिंग में अहम भूमिका निभाती है और फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टर्स (FPI) होल्डिंग के जवाब में संतुलन कायम करती है। उदाहरण के लिए, आईटीसी (ITC) में LIC की 16.23 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि एफपीआई की 9.99 फीसदी हिस्सेदारी है। यह इसलिए अहम है, क्योंकि कंपनी में प्रमोटर की कोई हिस्सेदारी नहीं है।”
RIL में LIC की 6.13 फीसदी हिस्सेदारी
दिग्गज बीमा कंपनी की बड़ी हिस्सेदारी वाली कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) भी शामिल है, जिसमें दिसंबर, 2021 तक LIC की 6.13 फीसदी हिस्सेदारी थी। इसके अलावा टाटा कंसल्टैंसी सर्विसेज (TCS), इंफोसिस, एसबीआई, आईटीसी, आईसीआईसीआई बैंक में भी एलआईसी की अहम हिस्सेदारी है।
इन कंपनियों में है 10 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी
दूसरी तरफ, आईटीसी, हिंदुस्तान कॉपर, एनएमडीसी, एमटीएनएल, लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी), हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (एचएएल), ऑयल इंडिया ऐसी कुछ कंपनियां हैं, जिनमें LIC की 10 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी है।
वहीं एसीसी, अंबुजा सीमेंट्स, इंडिया सीमेंट्स, भारत बिजली, सीडीएसएल, डीसीएम श्रीराम, ग्रेसिम, महिंद्रा एंड महिंद्रा, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज, टाटा स्टील और टाटा पावर आदि के बोर्ड्स में एलआईसी के नामित डायरेक्टर्स भी शामिल हैं।
आगे ग्रोथ की अच्छी संभावनाएं
वेंचुरा ने अपने नोट में कहा, “भारत की जीवन बीमा कंपनियों के लिए कोविड-19 का दौर परीक्षा की घड़ी के समान था। इस मुश्किल दौर में भी इनके अच्छे प्रदर्शन से उनके मजबूत ग्रोथ की राह पर बढ़ने के संकेत मिलते हैं। मार्केट लीडर होने के कारण LIC के लिए भविष्य में ग्रोथ की संभावनाओं का ज्यादा फायदा मिलने के अवसर हैं।”