स्टॉक मार्केट में गिरावट का असर एलआईसी के शेयरों की लिस्टिंग पर भी दिख सकता है। गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स 1158 अंक गिरकर बंद हुआ। यह 53,000 से नीचे आ गया है। इसका सीधा असर ग्रे मार्केट में एलआईसी के शेयरों के प्राइस पर पड़ा है।
स्टॉक मार्केट में गिरावट का असर एलआईसी के शेयरों की लिस्टिंग पर भी दिख सकता है। गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स 1158 अंक गिरकर बंद हुआ। यह 53,000 से नीचे आ गया है। इसका सीधा असर ग्रे मार्केट में एलआईसी के शेयरों के प्राइस पर पड़ा है।
अंग्रेजी बिजनेस न्यूज वेबसाइट इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, गुरुवार को ग्रे मार्केट में एलआईसी के शेयरों में प्रीमियम की जगह डिस्काउंट पर कारोबार हो रहा है। इस पर प्रति शेयर 25 रुपये का डिस्काउंट चल रहा है। 4 मई को एलआईसी का आईपीओ ओपन हुआ था। यह 9 मई को बंद हुआ।
एलआईसी का आईपीओ ओपन होने के बाद से ग्रे मार्केट में इस शेयर के प्राइस में काफी उतार-चढ़ाव दिखा है। एक समय शेयर पर प्रीमियम 90-95 रुपये तक पहुंच गया था। फिर इसमें गिरावट आई। दोबारा इसका प्रीमियम अपने पीक पर नहीं पहुंच सका।
अगर ग्रे मार्केट में शेयर के प्राइस को संकेत माना जाए तो 17 मई को बीएसई और एनएसई में इसकी लिस्टिंग कमजोर रह सकती है। यह उन करोड़ों इनवेस्टर्स के लिए बड़ा झटका होगा, जिन्होंने लिस्टिंग गेंस के लिए इस आईपीओ में पैसा लगाया है।
हालांकि, पॉलिसीहोल्डर्स और रिटेल इनवेस्टर्स को इस आईपीओ में डिस्काउंट पर शेयर मिलेंगे। पॉलिसीहोल्डर्स को प्रति शेयर 60 रुपये का डिस्काउंट मिला है। रिटेल इनवेस्टर्स को प्रति शेयर 45 रुपये का डिस्काउंट मिला है। इसका मतलब है कि अगर 25 रुपये डिस्काउंट पर एलआईसी के शेयर लिस्ट होते हैं तो भी दोनों कैटेगरी के इनवेस्टर्स को लॉस नहीं होगा।
पॉलिसीहोल्डर्स को नुकसान तभी होगा जब एलआईसी के शेयर 889 रुपये से कम भाव पर लिस्ट होंगे। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर्स को नुकसान तभी होगा, जब शेयर की लिस्टिंग 904 रुपये से कम भाव पर होगी। शेयर 12 मई को देर शाम अलॉट हो जाने की उम्मीद है।
इस इश्यू में पॉलिसीहोल्डर्स का कोटा सबसे ज्यादा 6.12 गुना सब्सक्राइब हुआ था। कुल अप्लिकेशंस में 60 फीसदी पॉलिसीहोल्डर्स के थे। एलआईसी के कर्मचारियों ने भी इस आईपीओ में जमकर बोली लगाई। इस वजह से एंप्लॉयीज कोटा 4.40 गुना सब्सक्राइब हो गया। रिटेल इनवेस्टर्स का पोर्शन 1.99 गुना सब्सक्राइब हुआ। नॉन-इंस्टीट्यूशनल कैटेगरी 2.91 सब्सक्राइब हुई। क्वालिफायड इंस्टीट्यूशनल बायर्स का कोटा 2.83 गुना सब्सक्राइब हुआ।
बताया जाता है कि एलआईसी के आईपीओ से पहले बड़ी संख्या में डीमैट अकाउंट खुले हैं। सिर्फ अप्रैल में 40 लाख डीमैट अकाउंट खुलने की खबर है। इस साल जनवरी से अप्रैल के दौरान एक करोड़ डीमैट अकाउंट खुले हैं।
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