LIC का आईपीओ सफल रहा। यह इश्यू करीब तीन गुना (2.95 गुना) सब्सक्राइब हुआ। यह इंडिया का सबसे बड़ा आईपीओ था। सरकार इस आईपीओ के जरिए एलआईसी के करीब 16 करोड़ शेयर (एंकर इनवेस्टर्स को एलॉट शेयरों को छोड़ कर) बेच रही है। इसके मुकाबले आईपीओ में 45,000 करोड़ शेयरों के लिए बोली लगाई गई।
इस आईपीओ में सबसे ज्यादा दिलचस्पी एलआईसी के पॉलिसीहोल्डर्स ने दिखाई। इसके चलते पॉलिसीहोल्डर्स कोटा 6.12 गुना सब्सक्राइब हुआ। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस आईपीओ की कामयाबी का श्रेय एलआईसी के पॉलिसीहोल्डर्स को जाता है। कुल अप्लिकेशंस में 60 फीसदी पॉलिसीहोल्डर्स के थे।
एलआईसी के कर्मचारियों ने भी इस आईपीओ में जमकर बोली लगाई। इस वजह से एंप्लॉयीज कोटा 4.40 गुना सब्सक्राइब हो गया। रिटेल इनवेस्टर्स का पोर्शन 1.99 गुना सब्सक्राइब हुआ। नॉन-इंस्टीट्यूशनल कैटेगरी 2.91 सब्सक्राइब हुई। क्वालिफायड इंस्टीट्यूशनल बायर्स का कोटा 2.83 गुना सब्सक्राइब हुआ।
एक्सिस सिक्योरिटीज के एमडी एवं सीईओ बी गोपकुमार ने कहा, "LIC के आईपीओ को रिटेल इनवेस्टर्स का अच्छा रिस्पॉन्स मिला, जैसा कि अनुमान था। ज्यादा डिस्काउंट की वजह से पॉलिसीहोल्डर्स ने भी इस इश्यू में खूब बोली लगाई। इससे उनका कोटा 6 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ। इस आईपीओ से शेयर मार्केट में रिटेल पार्टिसिपेशन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।"
एक्सिस सिक्योरिटीज के डेटा के मुताबिक, 97 फीसदी से ज्यादा अप्लिकेशंस डोमेस्टिक इनवेस्टर्स की तरफ से आए। इनमें महिलाओं की हिस्सेदारी 26 फीसदी रही। सबसे ज्यादा बोली तीन राज्यों से लगाई गई। इनमें सबसे ऊपर महाराष्ट्र, दूसरे नंबर पर पश्चिम बंगाल और तीसरे पायदान पर गुजरात है।
गोपकुमार ने कहा कि हमारा अब भी यह मानना है कि एलआईसी का शेयर लंबी अवधि के लिहाज से अच्छा है। इंडिया में इंश्योरेंस की पहुंच अभी आबादी के बड़े हिस्से तक नहीं है। यह फैक्टर एलआईसी की ग्रोथ में बड़ी भूमिका निभाएगा।
पेटीएम नी के सीईओ वरूण श्रीधर ने कहा, "LIC के आईपीओ के दौरान अकाउंट ओपनिंग में 200 फीसदी उछाल दिखा। इनमें ज्यादातर लोग ऐसे थे, जिन्होंने पहले कभी शेयरों में इनवेस्ट नहीं किया। इनकी उम्र 30 से नीचे थी।"
एलआईसी का आईपीओ 4 मई को खुला था। यह 9 मई को बंद हो गया। इसमें बोली लगाने के लिए रिटेल इनवेस्टर्स के पास 6 दिन का समय था। यहां तक कि शनिवार और रविवार को भी यह इश्यू सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। रविवार को एसबीआई और कुछ दूसरे बैंकों की ब्रांच खुली रहीं।