LIC के शेयर किस दिन अलॉट होंगे, कब आपके डीमैट अकाउंट में आएंगे और लिस्टिंग डेट क्या होगी?

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि पॉलिसीहोल्डर्स कैटेगरी में शेयरों का एलॉटमेंट आनुपातिक आधार (Proportionate Basis) पर होगा। अगर ऐसा होता है तो इस कैटेगरी में बोली लगाने वालों को कुछ न कुछ शेयर मिल जाएंगे

अपडेटेड May 10, 2022 पर 4:29 PM
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सरकार ने एलआईसी के आईपीओ को सफल बताया है। फाइनेंस मिनिस्ट्री में डिसइनवेस्टमेंट डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी तुहिन कांत पांडेय ने कहा है कि इस इश्यू में सभी तरह के इनवेस्टर्स ने हिस्सा लिया।

LIC के आईपीओ में बोली लगाने का प्रोसेस पूरा हो गया है। यह इश्यू करीब तीन गुना सब्सक्राइब हुआ। बोली लगाने वालों को अब शेयर अलॉट होने का इंतजार है। चूंकि रिटेल कैटेगरी में यह इश्यू करीब दो गुना सब्सक्राइब हुआ है। इसलिए इस कैटेगरी में बोली लगाने वाले इनवेस्टर्स को शेयर अलॉट होने की उम्मीद ज्यादा है। पॉलिसीहोल्डर्स कैटेगरी में यह इश्यू 6 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ है।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि पॉलिसीहोल्डर्स कैटेगरी में शेयरों का अलॉटमेंट आनुपातिक आधार (Proportionate Basis) पर होगा। अगर ऐसा होता है तो इस कैटेगरी में बोली लगाने वालों को कुछ न कुछ शेयर मिल जाएंगे। उधर, रिटेल कैटेगरी में अलॉटमेंट ड्रॉ से होने वाला था। लेकिन, यह कैटेगरी सिर्फ दो गुनी सब्सक्राइब हुई है। ऐसे में हो सकता है कि इस कैटेगरी में भी आनुपातिक आधार पर शेयर अलॉट किए जाए।

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शेयरों के आवंटन का आधार क्या होगा, इस बारे में फैसला 12 मई को होने की उम्मीद है। फैसला होने के बाद शेयरों का अलॉटमेंट उसी दिन (12 मई) को हो जाएगा। शेयरों की लिस्टिंग 17 मई को होगी। शेयर बीएसई और एनएसई दोनों ही स्टॉक एक्सचेंजों में लिस्ट होंगे।

अगर आपको शेयर अलॉट होते हैं तो 16 मई को ये आपके डीमैट अकाउंट में आ जाएंगे। केफिन टेक्नोलॉजीज इस इश्यू की रजिस्ट्रार है। इसलिए शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस इसकी वेबसाइट पर चेक किया जा सकता है। बीएसई की वेबसाइट पर भी अलॉटमेंट स्टेटस चेक किया जा सकता है।

सरकार ने एलआईसी के आईपीओ को सफल बताया है। फाइनेंस मिनिस्ट्री में डिसइनवेस्टमेंट डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी तुहिन कांत पांडेय ने कहा है कि इस इश्यू में सभी तरह के इनवेस्टर्स ने हिस्सा लिया। उन्होंने यह भी कहा है कि विदेशी निवेशकों के बहुत ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाने के बावजूद यह इश्यू आसानी से सब्सक्राइब हो गया।

उन्होंने कहा कि इससे साबित होता है कि अपने कैपिटल मार्केट को चलाने के लिए हमें फॉरेन इनवेस्टर्स पर निर्भर रहने की जरूरत नही है। हालांकि, फॉरेन इनवेस्टर्स ने इश्यू के आखिरी घंटों में जमकर बोली लगाई। उन्होंने संस्थागत निवेशकों के कोटे के 61 फीसदी हिस्से के लिए बोली लगाई। विदेशी निवेशक पिछले कुछ समय से इंडियन मार्केट में बिकवाली कर रहे हैं।

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