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LIC के शेयरों की शेयर बाजार में कमजोर लिस्टिंग, रिटेल इनवेस्टर्स को लगा झटका

LIC Share Listing ने इनवेस्टर्स को निराश किया। हालांकि, पहले से इस शेयर की कमजोर लिस्टिंग की उम्मीद जताई जा रही धी। कमजोर लिस्टिंग की वजह से पॉलिसीहोल्डर्स और रिटेल इनवेस्टर्स को डिस्काउंट के बावजूद मुनाफा कमाने का मौका नहीं मिला

MoneyControl Newsअपडेटेड May 17, 2022 पर 3:52 PM
LIC के शेयरों की शेयर बाजार में कमजोर लिस्टिंग, रिटेल इनवेस्टर्स को लगा झटका
एलआईसी ने रिटेल इनवेस्टर्स को प्रति शेयर 45 रुपये का डिस्काउंट दिया था। पॉलिसीहोल्डर्स को 60 रुपये प्रति शेयर का डिस्काउंट दिया गया था।

LIC के शेयर मंगलवार को स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट हो गए है। यह शेयर बीएसई में 867 रुपये पर लिस्ट हुआ। एनएसई पर यह 872 रुपये पर लिस्ट हुआ। इश्यू प्राइस से करीब 8 फीसदी कम भाव पर लिस्टिंग ने इनवेस्टर्स को निराश किया। हालांकि, थोड़ी देर बाद ही यह शेयर दोनों ही स्टॉक एक्सचेंजों में 900 रुपये के ऊपर पहुंच गया। करीब 10:10 बजे दोनों ही स्टॉक एक्सचेंजों पर इस शेयर का भाव करीब 902 रुपये चल रहा था। एलआईसी के शेयरों की लिस्टिंग पर सबकी नजर लगी हुई थी।

यह देश का सबसे बड़ा आईपीओ था, इसलिए बहुत ज्यादा चर्चा में था। ग्रे मार्केट में एलआईसी के शेयर में डिस्काउंट  पर ट्रेडिंग हो रही थी। इससे इनवेस्टर्स को इसकी कमजोर लिस्टिंग की चिंता सता रही थी। आखिरकार यह इश्यू प्राइस से कम पर लिस्ट हुआ। ग्रे मार्केट में इस शेयर के प्राइस ट्रेंड को देखते हुए एक्सपर्ट्स ने भी इसकी कमजोर लिस्टिंग की उम्मीद जताई थी।

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सरकार ने एलआईसी में अपनी 3.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर करीब 21,000 करोड़ रुपये हासिल किए हैं। पहले सरकार ने इस आईपीओ के जरिए एलआईसी में अपनी 5 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर 60,000 करोड़ रुपये जुटाने का प्लान बनाया था। लेकिन, मार्केट के खराब हालात को देखते हुए उसने आईपीओ का आकार घटा दिया। उसने एलआईसी की वैल्यूएशन भी कम कर दी।

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