Midwest IPO: ब्लैक गैलेक्सी ग्रेनाइट की सबसे बड़ी प्रोड्यूसर और एक्सपोर्टर मिडवेस्ट ने IPO के माध्यम से 650 करोड़ रुपये जुटाने का फैसला किया है। कंपनी ने मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर दाखिल कर दिए हैं। ड्राफ्ट के अनुसार, कंपनी ने नए शेयरों को जारी कर 250 करोड़ रुपये और ऑफर फॉर सेल के माध्यम से 400 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई है। ओएफएस में प्रमोटर कोलारेड्डी रामा राघव रेड्डी 360 करोड़ रुपये और गुंटाका रवींद्र रेड्डी 40 करोड़ रुपये के शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे।
इसके अलावा, मिडवेस्ट प्राइवेट प्लेसमेंट के माध्यम से 50 करोड़ रुपये के इक्विटी शेयर जारी करने पर भी विचार कर सकती है। अगर कंपनी प्री-IPO प्लेसमेंट के माध्यम से पैसे जुटाने में सफल होती है, तो IPO का साइज घट जाएगा।
प्रमोटर्स के पास 95.83% हिस्सेदारी
कंपनी में प्रमोटर्स के पास 95.83 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि निवेशक स्वधा इंडिया एमर्जिंग ऑपर्च्युनिटीज स्कीम 1 के पास 4.17 प्रतिशत शेयरहोल्डिंग है। स्वधा इंडिया ने 28 सितंबर, 2024 को 709.80 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर 14,08,851 इक्विटी शेयर (4.17 प्रतिशत) हासिल करके मिडवेस्ट में 100 करोड़ रुपये का निवेश किया।
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में 16 चालू ग्रेनाइट खदानों के साथ मिडवेस्ट, ब्लैक गैलेक्सी ग्रेनाइट और एब्सोल्यूट ब्लैक ग्रेनाइट के डायमेंशनल ब्लॉक और स्लैब का उत्पादन करती है। ब्लैक गैलेक्सी ग्रेनाइट का इस्तेमाल रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में किया जाता है, जबकि एब्सोल्यूट ब्लैक ग्रेनाइट का इस्तेमाल मंदिरों और स्मारकों में बड़े पैमाने पर किया जाता है।
IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल
हैदराबाद स्थित मिडवेस्ट अपने आईपीओ में नए शेयरों को जारी कर हासिल हुए पैसों में से 156 करोड़ रुपये फेज 2 क्वार्ट्ज प्रोसेसिंग प्लांट, इलेक्ट्रिक डंप ट्रकों की खरीद और कुछ खदानों में सोलर एनर्जी के इंटीग्रेशन के उद्देश्य से पूंजीगत खर्च के लिए खर्च करेगी। इसके अलावा 53.8 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने और बाकी पैसों का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
कंपनी का मुनाफा FY24 में 84% बढ़ा
अगस्त 2024 तक कंपनी पर 150.4 करोड़ रुपये की कुल बकाया उधारी थी। मिडवेस्ट का वित्त वर्ष 2024 में शुद्ध मुनाफा 84.3 प्रतिशत बढ़कर 100.3 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 16.5 प्रतिशत बढ़कर 585.6 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो एक साल पहले 502.5 करोड़ रुपये था।