Moneyview IPO: ₹1092 करोड़ का इश्यू 24 सितंबर से, प्राइस बैंड ₹32-₹34 प्रति शेयर तय; रहेंगे ₹750 करोड़ के नए शेयर

Moneyview IPO: मनीव्यू में एक्सेल, टाइगर ग्लोबल और रिबिट कैपिटल जैसे ग्लोबल इनवेस्टर्स का पैसा लगा हुआ है। इश्यू में 50 प्रतिशत हिस्सा QIBs के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा NIIs के लिए रिजर्व है

अपडेटेड Sep 21, 2026 पर 1:17 PM
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Moneyview के शेयर NSE और BSE पर 1 अक्टूबर को लिस्ट हो सकते हैं।

डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म मनीव्यू ने अपने IPO के लिए प्राइस बैंड तय कर दिया है। यह ₹32-34 प्रति इक्विटी शेयर है। लॉट साइज 441 शेयर है। IPO सब्सक्रिप्शन के लिए 24 सितंबर को खुलेगा और कंपनी का लक्ष्य इस पब्लिक इश्यू के जरिए ₹1,091.68 करोड़ जुटाना है। एंकर इनवेस्टर 23 सितंबर को बोली लगा सकेंगे। IPO 28 सितंबर को बंद होगा। उसके बाद अलॉटमेंट 29 सितंबर को फाइनल होगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 1 अक्टूबर को लिस्ट हो सकते हैं।

मनीव्यू में एक्सेल, टाइगर ग्लोबल और रिबिट कैपिटल जैसे ग्लोबल इनवेस्टर्स का पैसा लगा हुआ है। Moneyview एक डिजिटल फाइनेंशियल सर्विस प्लेटफॉर्म है। यह यूजर्स को बैंकों, नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs), इंश्योरेंस कंपनियों और दूसरे फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस से जोड़ता है। जून 2026 तक, कंपनी के पास 14.03 करोड़ रजिस्टर्ड यूजर थे और इसके नेटवर्क में 48 फाइनेंशियल पार्टनर जुड़े हुए थे।

इसके IPO में ₹750 करोड़ के 22.06 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹341.68 करोड़ के 10.05 करोड़ शेयरों का OFS (Offer for Sale) रहेगा। OFS में कंपनी के फाउंडर और प्रमोटर पुनीत अग्रवाल और संजय अग्रवाल के साथ-साथ एक्सेल, टाइगर ग्लोबल मैनेजमेंट, रिबिट कैपिटल, DI इनवेस्टमेंट और क्रिमसन विंटर जैसे निवेशक भी शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे।


Moneyview IPO में कितना हिस्सा रिजर्व

पब्लिक इश्यू के लिए एक्सिस कैपिटल, BofA Securities India, IIFL कैपिटल सर्विसेज और कोटक महिंद्रा कैपिटल बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार MUFG Intime India Pvt.Ltd. है। इश्यू में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। 20 सितंबर तक Moneyview में Accel सबसे बड़ी शेयरहोल्डर थी, जिसके पास 21.89 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। टाइगर ग्लोबल ग्रुप के पास इंटरनेट फंड III के जरिए) 13.79 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। प्रमोटर संजय अग्रवाल के पास 10.33 प्रतिशत, Ribbit Capital के पास 10.2 प्रतिशत और पुनीत अग्रवाल के पास 8.66 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Moneyview अपने IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल डिफॉल्ट लॉस गारंटी (DLG) व्यवस्था के तहत लोन बांटने में तेजी लाने, मैटेरियल सब्सिडियरी Whizdm Finance का कैपिटल बेस बढ़ाने के लिए निवेश करने और आम कॉर्पोरेट कामों के लिए करेगी।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में मनीव्यू का रेवेन्यू सालाना आधार पर 51.5 प्रतिशत बढ़कर ₹1,065.09 करोड़ हो गया। शुद्ध मुनाफा 158.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹173.80 करोड़ रुपये रहा। इस बीच कंपनी पर ₹5,484.76 करोड़ की उधारी थी। जून 2025 तिमाही में रेवेन्यू ₹702.92 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹67.15 करोड़ था। वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 43 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹3,404.27 करोड़ और शुद्ध मुनाफा 1 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹242.71 करोड़ रहा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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