मुंबई मुख्यालय वाली गोदावरी बायोरिफाइनरीज लिमिटेड (Godavari Biorefineries Ltd) अपने 700 करोड़ रुपये के इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) को लॉन्च करने के लिए सही समय का इंतजार कर रही है। कंपनी फिलहाल भूराजनैतिक तनावों से शेयर बाजार में आई अस्थिरता पर करीबी निगाह रखे हुए है।
कंपनी के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर समीर सोमैया (Samir Somaiya) ने बताया कि कंपनी को IPO लाने के लिए मार्केट रेगुलेटर सेबी से मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने बताया, "SEBI से हमें IPO लाने के लिए नवंबर 2021 के अंत में ही मंजूरी मिल गई थी। शेयर बाजार में लिस्ट होने के लिए हमारे पास एक साल का वक्त है और हम इसके लिए सही समय का इंतजार कर रहे हैं।"
सोमैया ने बताया कि बीते कुछ महीनों में भूराजनीतिक हालात बदले हैं। उन्होंने कहा, "भूराजनीतिक हालात पर हमारी नजर बनी हुई है। जब सही समय होगा और बाजार IPO के लिहाज से फिर से तैयार होगा तो हम भी इसकी योजना बनाएंगे।"
गोदावरी बायोरिफाइनरीज के पास अपना IPO लॉन्च करने के लिए नवंबर 2022 तक का वक्त है। अगर कंपनी इस दौरान अपना IPO नहीं ला पाती है, तो उसे फिर सेबी के पास अपने IPO का ड्राफ्ट पेपर जमा करना होगा और उससे मंजूरी लेनी होगी।
सोमैया ने बताया कि इनीशियल ऑफर करीब 370 करोड़ रुपये का होगा। हालांकि प्रमोटरों और शेयरहोल्डरों की तरफ से बिक्री के लिए रखे जाने वाले शेयरों को लेकर इसका कुल साइज 700 करोड़ रुपये से अधिक का होगा।
गोदावरी बायोरिफाइनरीज, एथनॉल उत्पादन करने वाली देश की प्रमुख कंपनी है। कंपनी ने पहले बताया था कि वह IPO से मिली रकम का इस्तेमाल लोन चुकाने और गन्ना पेराई की क्षमता विस्तार के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर पर करेगी। इसके अलावा कंपनी इस राशि का इस्तेमाल पोटाश इकाई को फंडिंग देने और अन्य सामान्य कंपनी कामकाज के लिए भी करेगी।