Nephrocare Health Services IPO: डायलिसिस सर्विस देने वाली एशिया की सबसे बड़ी कंपनी नेफ्रोकेयर हेल्थ सर्विसेज ने अपने IPO के लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास ड्राफ्ट पेपर जमा कर दिए हैं। सूत्रों ने मनीकंट्रोल को बताया है कि IPO से लगभग 2,000 करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं। कंपनी, NephroPlus ब्रांड के तहत ऑपरेट करती है। इसके IPO में 353.4 करोड़ रुपये के नए इक्विटी शेयर जारी होंगे। साथ ही प्रमोटर्स और मौजूदा शेयरहोल्डर्स की ओर से 1.28 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा।
नेफ्रोकेयर हेल्थ सर्विसेज के प्रमोटर विक्रम वुप्पला, BVP Trust, इनवेस्टकॉर्प, हेल्थकेयर पैरेंट, एडोरस इनवेस्टमेंट होल्डिंग्स के साथ-साथ इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन और 360 वन स्पेशल ऑपर्च्युनिटीज फंड आदि OFS में शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे।
प्री-IPO राउंड में जुटा सकती है 70.68 करोड़
NephroPlus प्री-IPO राउंड में 70.68 करोड़ रुपये जुटा सकती है। अगर ऐसा होता है तो IPO में नए शेयरों के इश्यू का साइज घट जाएगा। कंपनी में प्रमोटर्स के पास फुली डायल्यूटेड बेसिस पर 78.90 प्रतिशत हिस्सेदारी है। बाकी 21.1 प्रतिशत हिस्सा पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास है। नेफ्रोकेयर हेल्थ सर्विसेज के प्रमोटर्स में विक्रम वुप्पला, BVP (बेसेमर वेंचर पार्टनर्स) ट्रस्ट, एडोरस इनवेस्टमेंट होल्डिंग्स, हेल्थकेयर पैरेंट और इनवेस्टकॉर्प शामिल हैं। वहीं क्वाड्रिया कैपिटल इंडिया फंड, पंकजा गटुकु, मानवी फैमिली ट्रस्ट और विराज फैमिली ट्रस्ट, प्रमोटर समूह का हिस्सा हैं।
विक्रम वुप्पला और कमल डी. शाह ने साल 2010 में नेफ्रोप्लस को शुरू किया था। तेलंगाना स्थित नेफ्रोकेयर हेल्थ सर्विसेज डायग्नोसिस से लेकर इलाज और हेमोडायलिसिस, होम और मोबाइल डायलिसिस सहित वेलनेस प्रोग्राम्स तक, हर तरह की डायलिसिस केयर उपलब्ध कराती है। यह एशिया की सबसे बड़ी डायलिसिस सर्विस प्रोवाइडर है। इसके पास 490 क्लीनिक्स का नेटवर्क है, जिनमें फिलीपींस, उज़्बेकिस्तान और नेपाल में 43 इंटरनेशनल क्लीनिक शामिल हैं।
NephroPlus IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल
कंपनी अपने IPO में नए शेयरों को जारी करके होने वाली कमाई में से 129.1 करोड़ रुपये भारत में नए डायलिसिस क्लीनिक खोलने के लिए खर्च करेगी। इसके अलावा 136 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने और बाकी पैसों का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। नेफ्रोकेयर हेल्थ सर्विसेज ने अपने DRHP (Draft Red Herring Prospectus) में कहा है कि मई 2025 तक उस पर कंसोलिडेटेड बेसिस पर 280.6 करोड़ रुपये की उधारी थी।
नेफ्रोप्लस का वित्त वर्ष 2025 में मुनाफा 67.1 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले के मुनाफे से 91 प्रतिशत ज्यादा है। रेवेन्यू 755.8 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो वित्त वर्ष 2024 के मुकाबले 33.5 प्रतिशत ज्यादा है। Nephrocare Health Services IPO के लिए ICICI सिक्योरिटीज, एंबिट, IIFL कैपिटल सर्विसेज और नोमुरा फाइनेंशियल एडवाइजरी एंड सिक्योरिटीज (इंडिया), मर्चेंट बैंकर हैं।