NSE Share Price: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का आईपीओ आज खुल गया। इसमें 21 सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। इस आईपीओ का इंतजार इनवेस्टर्स को लंबे समय से था। इसकी वजह यह है कि एनएसई देश का सबसे बड़ा एक्सचेंज है। दूसरा, बीएसई के शेयरों ने लिस्टिंग के बाद से निवेशकों को मालमाल किया है। सवाल है कि एनएसई का शेयर सस्ता है या महंगा?
NSE का मुकाबला बीएसई से है
असित सी मेहता फाइनेंशियल सर्विसेज की डायरेक्टर दीना मेहता ने कहा कि इश्यू के साइज और देश के कैपिटल मार्केट में एनएसई की मजबूत स्थिति को देखते हुए आईपीओ में शेयर की कीमत अट्रैक्टिव लग रही है। दरअसल, एनएसई का मुकाबला बीएसई से है। लेकिन, ट्रेडिंग वॉल्यूम के लिहाज से एनएसई बीएसई के मुकाबले काफी आगे है।
मर्चेंट बैंकर्स ज्यादा रखते हैं कीमत
मेहता ने कहा, "भारत में पिछले कुछ समय से हमने देखा है कि मर्चेंट बैंकर्स आईपीओ में शेयर की कीमतें काफी ज्यादा रखते हैं। इससे इनवेस्टर्स के लिए मुनाफे की गुंजाइश काफी कम हो जाती है। इसलिए एनएसई के शेयर की कीमत अट्रैक्टिव है, क्योंकि यह इश्यू काफी बड़ा यानी 20,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का है।"
एनएसई का ऑफर पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल
उन्होंने कहा कि इतने बड़े इश्यू में शेयर को बेचने के लिए उसकी कीमत अट्रैक्टिव होना जरूरी है। उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि इनवेस्टर्स के लिए यह प्राइस सही है, क्योंकि एनएसई की ग्रोथ में इनवेस्टर्स का ही योगदान रहा है।" एनएसई का आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) है। इसका मतलब है कि इस इश्यू में कुछ पुराने इनवेस्टर्स अपने कुछ शेयर बेच रहे हैं। एनएसई इनवेस्टर्स को नए शेयर इश्यू नहीं कर रहा है।
कम से कम 8 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी
एनएसई ने प्रति शेयकर 1,700-1,785 रुपये का प्राइस बैंड रखा है। प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर एक्सचेंज की वैल्यूएशन 4.42 लाख करोड़ रुपये है। इनवेस्टर्स को कम से कम शेयरों के एक लॉट के लिए बोली लगानी होगी। एक लॉट 8 शेयरों का है। एनएसई एंप्लॉयीज को प्रति शेयर 170 रुपये का डिस्काउंट दे रहा है।
रेगुलेटरी रिस्क एक्सचेंजों के लिए सबसे बड़ी चिंता
मेहता ने कहा कि एनएसई और इसके इनवेस्टर्स के लिए रेगुलेटरी रिस्क सबसे बड़ी चिंता है। हाल में सेबी ने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस के नियमों को सख्त बनाया है। इधर, क्लोजिंग प्राइस के कैलकुलेशन के तरीके को लेकर विवाद दिख रहा है। लेकिन, मेहता का मानना है कि इस मसले का जल्द समाधान हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि बीएसई और एनएसई दोनों एक्सचेंजों की ग्रोथ अच्छी रही है। आगे भी दोनों ऑपरेट करते रहेंगे। दोनों के बीच प्रतियोगिता का फायदा देश को मिलता है।