NSE IPO: 5 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप पर NSE की वैल्यूएशन बीएसई से 15-20% डिस्काउंट पर, सेंट्रम की रिपोर्ट

NSE IPO: एनएसई का आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। मौजूदा शेयरहोल्डर्स एनएसई के करीब 6 फीसदी शेयर ओएफएस में बेचेंगे। एनएसई का आईपीओ करीब 30,000 करोड़ रुपये का हो सकता है। एनएसई के शेयरों की लिस्टिंग के बाद देश के दोनों प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज शेयर बाजार में सूचीबद्ध हो जाएंगे

अपडेटेड Jun 18, 2026 पर 2:32 PM
बीएसई के शेयर में 18 जून को हल्की तेजी दिखी। 2 बजे यह 0.41 फीसदी चढ़कर 4,015 रुपये पर चल रहा था।

NSE IPO: एनएसई की वैल्यूएशन करीब 5 लाख करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है। अर्निंग्स बेसिस पर यह बीएसई की वैल्यूएशन से 15-20 फीसदी कम है। ब्रोकरेज फर्म सेंट्रम ब्रोकिंग ने अपनी रिपोर्ट में यह बताया है। एनएसई ने 17 जून को सेबी के पास आईपीओ के लिए पेपर्स फाइल कर दिए हैं। इसके बाद इस आईपीओ को लेकर हलचल बढ़ गई है।

बीएसई की वैल्यूएशन के मुकाबले 15-20 फीसदी डिस्काउंट

सेंट्रम ब्रोकिंग के वाइस प्रेसिडेंट मोहित मंगल ने इस बारे में सीएनबीसी-टीवी18 को दिए इंटरव्यू में बताया। उन्होंने कहा कि 5 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैपिटलाइजेशन पर एनएसई में FY28 की अनुमानित अर्निंग्स के 36 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। यह BSE की वैल्यूएशन से 15-20 फीसदी का डिस्काउंट है।

एनएसई का आईपीओ 30000 करोड़ रुपये का हो सकता है


एनएसई का आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। मौजूदा शेयरहोल्डर्स एनएसई के करीब 6 फीसदी शेयर ओएफएस में बेचेंगे। एनएसई का आईपीओ करीब 30,000 करोड़ रुपये का हो सकता है। एनएसई के शेयरों की लिस्टिंग के बाद देश के दोनों प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज शेयर बाजार में सूचीबद्ध हो जाएंगे।

2026 में बीएसई का शेयर 53 फीसदी चढ़ा है

बीएसई के शेयर में 18 जून को हल्की तेजी दिखी। 2 बजे यह 0.41 फीसदी चढ़कर 4,015 रुपये पर चल रहा था। 2026 में यह शेयर करीब 53 फीसदी चढ़ा है। बीएसई का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 1.65 लाख करोड़ रुपये है। बीएसई एशिया का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है। इसका शेयर एनएसई में लिस्ट है। एनएसई का शेयर भी सिर्फ बीएसई में लिस्ट होगा।

एनएसई का प्रॉफिट बीएसई से काफी ज्यादा 

NSE के डीआरएचपी के मुताबिक, FY26 में एनएसई का रेवेन्यू 16,601 करोड़ रुपये रहा। इसके मुकाबले बीएसई का रेवेन्यू 4,834 करोड़ रुपये है। टैक्स के बाद एनएसई का प्रॉफिट 10,302 करोड़ रुपये रहा, जबकि बीएसई का 2,487 करोड़ रुपये था। FY26 में एनएसई को ट्रांजेक्शन चार्ज से 13,057 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हुआ, जबकि बीएसई का रेवेन्यू 3,795 करोड़ रुपये था।

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दोनों एक्सचेंजों का प्रदर्शन अच्छा रहने की उम्मीद

एसबीआई में नॉन-एग्जिक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर मृगांक परांजपे ने सीएनबीसी-टीवी18 को बताया कि एनएसई के आईपीओ में सॉवरेन वेल्थ फंड्स सहित लंबी अवधि के संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी दिख सकती है। उन्होंने कहा कि इंडिया में दो ही बड़े एक्सचेंज हैं। दोनों का प्रदर्शन अच्छा रहने की उम्मीद है। एनएसई के आईपीओ आने के बाद इंस्टीट्यूशनल पार्टिसिपेशन बढ़ सकता है।

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