NSE IPO Review: NSE का मेगा आईपीओ में पैसे लगाने का आज आखिरी दिन है। इसे लेकर निवेशकों के बीच खूब माहौल बना हुआ है। आज सुबह 10:25 बजे तक मिले आंकड़ों के मुताबिक, यह आईपीओ अब तक कुल 1.46 गुना सब्सक्राइब हो चुका है।
NSE IPO Review: NSE का मेगा आईपीओ में पैसे लगाने का आज आखिरी दिन है। इसे लेकर निवेशकों के बीच खूब माहौल बना हुआ है। आज सुबह 10:25 बजे तक मिले आंकड़ों के मुताबिक, यह आईपीओ अब तक कुल 1.46 गुना सब्सक्राइब हो चुका है।
जहां एक तरफ गैर-संस्थागत निवेशकों और संस्थागत खरीदारों का इसे अच्छा रिस्पांस मिला है, वहीं दूसरी तरफ अनऑफिशियल ग्रे मार्केट में इसके GMP में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। आइए आपको बताते हैं कि NSE IPO के तीसरे दिन का स्टेटस क्या है और इसमें पैसा लगाना चाहिए या इग्नोर करना चाहिए।
सब्सक्राइब का स्टेटस: NII आगे, रिटेल में सुस्ती
₹22,569 करोड़ के इस मेगा आईपीओ में 8.86 करोड़ शेयरों के मुकाबले कुल 12.89 करोड़ से ज्यादा शेयरों के लिए बोलियां मिल चुकी हैं:
गैर-संस्थागत निवेशक (NII): 2.31 गुना सब्सक्राइब।
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB): 1.83 गुना सब्सक्राइब।
रिटेल निवेशक: 87 फीसदी (0.87 गुना) भरा।
आपको बता दें कि इस ऑफर में NSE के कर्मचारियों को हर शेयर पर ₹170 की विशेष छूट दी गई है।
IPO की अहम तारीखें और प्राइस बैंड
प्राइस बैंड: ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर।
इश्यू टाइप: यह पूरी तरह से 'ऑफर-फॉर-सेल' (OFS) है। यानी इस आईपीओ से मिलने वाला पूरा पैसा बेचने वाले शेयरधारकों को जाएगा, कंपनी को इसमें से कोई फंड नहीं मिलेगा।
अलॉटमेंट डेट: 22 सितंबर को।
लिस्टिंग की तारीख: 24 सितंबर को यह BSE पर लिस्ट होगा।
1 हफ्ते में ₹208 से गिरकर ₹50 पर आया GMP
NSE के इस ₹22,569 करोड़ के आईपीओ के ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) में पिछले 1 हफ्ते में भारी गिरावट देखी गई है। जहां 14 सितंबर को इसका जीएमपी ₹208 प्रति शेयर यानी करीब 11.65% का लिस्टिंग गेन का अनुमान था, वहीं 21 सितंबर की सुबह तक यह तेजी से गिरकर महज ₹50 से ₹60 प्रति शेयर यानी करीब 3% पर आ गया है। यानी पिछले 7 दिनों में इसके प्रीमियम में लगभग 75% की बड़ी गिरावट आई है, जिससे लिस्टिंग गेन की उम्मीदें काफी कम हो गई हैं।
एक्सपर्ट्स की राय: क्या आपको सब्सक्राइब करना चाहिए?
रेलिगेयर ब्रोकिंग की राय: रेलिगेयर ब्रोकिंग ने इस आईपीओ को 'न्यूट्रल' रेटिंग दी है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि वित्त वर्ष 2026 में रेगुलेटरी बदलावों और ट्रेडिंग गतिविधियों में आई सुस्ती के कारण कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है। 42.9x के पी/ई रेशियो पर इसका वैल्यूएशन कंपनी की स्थापित बाजार स्थिति को तो दिखाता है, लेकिन इसमें कमाई में किसी भी तरह की गिरावट के जोखिम के लिए बहुत कम गुंजाइश बचती है।
प्रसेनजीत पॉल की राय: मार्केट एक्सपर्ट प्रसेनजीत पॉल के अनुसार, एनएसई एक फंडामेंटली बेहद मजबूत, कैश-जनरेटिंग बिजनेस है, जिसका बाजार में साफ तौर पर मजबूत एकाधिकार है। हालांकि, ₹1,785 के अपर प्राइस बैंड पर FY26 की कमाई के हिसाब से 43 गुना का वैल्यूएशन जायज तो दिखता है, लेकिन इसे बहुत 'सस्ता' नहीं कहा जा सकता।
ब्रोकरेज का मानना है कि आगे चलकर कंपनी की ग्रोथ सिर्फ मार्केट शेयर बढ़ाने से नहीं, बल्कि नए प्रॉडक्ट्स, डेटा सर्विसेज, गिफ्ट सिटी और कैश मार्केट गतिविधियों से आएगी। निवेशकों के लिए सबसे बड़ा रिस्क डेरिवेटिव्स और ऑप्शंस ट्रेडिंग से मिलने वाली फीस पर इसकी भारी निर्भरता है, इसलिए लिस्टिंग के बाद निवेशकों को हेडलाइन टर्नओवर के बजाय वास्तविक ऑप्शंस वॉल्यूम और स्थिर मुनाफे पर ध्यान देना चाहिए।
कुल मिलाकर एक्सपर्ट की सलाह ये है कि, अगर आप सिर्फ 10-15% के 'लिस्टिंग गेन' के लिए इस आईपीओ में पैसा लगाने की सोच रहे थे, तो गिरता हुआ जीएमपी आपको निराश कर सकता है। लेकिन अगर आप भारत के कैपिटल मार्केट की ग्रोथ में भरोसा रखते हैं और 3 से 5 साल के लंबे नजरिए से पैसा लगाना चाहते हैं, तो एनएसई अपने सेगमेंट का सबसे बड़ा और मजबूत खिलाड़ी है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
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