नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का आईपीओ खुलने के दूसरे दिन दोपहर 1 बजे तक करीब पूरा सब्सक्राइब हो गया। इस इश्यू में सबसे ज्यादा दिलचस्पी एक्सचेंज के एंप्लॉयीज ने दिखाई है। एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व कैटेगरीज 1.27 गुना सब्सक्राइब हो गया। देश के सबसे बड़े एक्सचेंज का आईपीओ 17 सितंबर को खुला था।
आईपीओ में 21 सितंबर तक लगाई जा सकती है बोली
NSE के आईपीओ में 21 सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। शेयर के 24 सितंबर को बीएसई पर लिस्ट होने की संभावना है। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल है। इसका मतलब है कि एक्सचेंज इश्यू में निवेशकों को नए शेयर इश्यू नहीं करेगा। एक्सचेंज के सिर्फ कुछ पुराने इनवेस्टर्स अपने शेयर बेचेंगे।
22000 करोड़ रुपये से ज्यादा का है आईपीओ
एक्सचेंज ने 1,700-1,85 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। रिटेल इनवेस्टर्स को कम से कम शेयरों के एक लॉट के लिए बोली लगानी होगी। एक लॉट 8 शेयरों का है। इस इश्यू का आकार 22,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का है। इससे यह देश के सबसे बड़े आईपीओ की लिस्ट में शामिल हो गया है।
एक्सचेंज के कुछ पुराने इनवेस्टर्स बेच रहे हैं शेयर
इस आईपीओ में एसबीआई ग्रुप की कुछ कंपनियों सहित कई पुराने इनवेस्टर्स अपने शेयर बेच रहे हैं। चूंकि एक्सचेंज इनवेस्टर्स को नए शेयर इश्यू नहीं कर रहा है, जिससे उसे इस आईपीओ से कोई पैसा नहीं मिलेगा। पूरा पैसा पुराने इनवेस्टर्स की जेब में जाएगा, जो अपने कुछ शेयर OFS में बेच रहे हैं।
शेयर का जीएमपी दूसरे दिन भी 8 फीसदी से थोड़ा ज्यादा
NSE के आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) नहीं बढ़ा है। 18 सितंबर को भी यह 8.29 फीसदी पर बना रहा। आईपीओवॉच के मुताबिक, सुबह 10:50 बजे इस आईपीओ का जीएमपी 8.29 फीसदी था। 17 मार्च को भी शेयर का जीएमपी इतना ही था। जीएमपी से किसी शेयर की लिस्टिंग के बारे में संकेत मिलता है। यह लिस्टिंग की गारंटी नहीं है।
एनएसई का मुकाबला बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज से
एनएसई देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इसका मुकाबला बीएसई से है, जो न सिर्फ भारत बल्कि एशिया का सबसे पुराना एक्सचेंज है। हालांकि, ट्रेडिंग वॉल्यूम के मामले में एनएसई बीएसई से काफी आगे है। कैश और फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस में इसकी बाजार हिस्सेदारी काफी ज्यादा है। बीएसई का शेयर 2017 में लिस्ट हुआ था।