रियल एस्टेट डेवलपर वीगालैंड डेवलपर्स की 18 सितंबर को शेयर बाजार में शुरुआत तो अच्छी हुई लेकिन यह बरकरार नहीं रह सकी। शेयर तुरंत ही लाल निशान में आ गया। कंपनी का शेयर BSE पर लगभग 8 प्रतिशत बढ़त के साथ 151 रुपये और NSE पर 10 प्रतिशत बढ़त के साथ 154 रुपये पर लिस्ट हुआ। उसके बाद शेयर में 5 प्रतिशत की गिरावट आई और BSE पर 143.45 रुपये और NSE पर 146.30 रुपये पर लोअर सर्किट लगा।
कंपनी का पब्लिक इश्यू 210 करोड़ रुपये का था। IPO के लिए फाइनल इश्यू प्राइस 140 रुपये था। यह 14.60 गुना भरा था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 19.13 गुना, रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 9.95 गुना और नॉन इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 19.41 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
वीगालैंड डेवलपर्स ‘वीगालैंड होम्स’ ब्रांड नेम के तहत काम करती है। वीगालैंड डेवलपर्स एक रियल एस्टेट डेवलपमेंट कंपनी है, जो केरल में मल्टी-स्टोरी रेजिडेंशियल अपार्टमेंट प्रोजेक्ट्स की प्लानिंग, डेवलपमेंट और बिक्री में लगी हुई है। यह मिड-प्रीमियम, प्रीमियम, अल्ट्रा-प्रीमियम, लग्जरी और अल्ट्रा-लग्जरी रेजिडेंशियल सेगमेंट को कवर करती है। यह कंपनी वी-गार्ड ग्रुप का हिस्सा है।
Veegaland Developers की वित्तीय सेहत
वीगालैंड डेवलपर्स का रेवेन्यू वित्त वर्ष 2025—26 में 30 प्रतिशत बढ़कर 254.16 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध मुनाफा भी 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 26.61 करोड़ रुपये हो गया। इस बीच कंपनी पर 85.59 करोड़ रुपये की उधारी थी। वित्त वर्ष 2025 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 196.22 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 20.43 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
कंपनी अपने आईपीओ से हुई कमाई का इस्तेमाल अपने चल रहे और आने वाले प्रोजेक्ट्स पर खर्च को कुछ हद तक फाइनेंस करने के लिए, जमीन की खरीद के लिए और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।
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