OYO IPO : हॉस्पिटैलिटी और ट्रैवल टेक कंपनी ओयो सितंबर के बाद अपना आईपीओ लॉन्च करने पर विचार कर रही है। कंपनी ने स्टॉक मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) से अपडेटेड वित्तीय जानकारी जमा करने की अनुमति मांगी है। कंपनी ने बीते साल अक्टूबर में सेबी से IPO के जरिये 8,430 करोड़ रुपये जुटाने के लिए शुरुआती दस्तावेज फाइल किए थे। घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले लोगों के मुताबिक, अब वह 11 अरब डॉलर की तुलना में 7-8 अरब डॉलर की वैल्यूएशन पर IPO लाने के लिए तैयार है। स्पष्ट है कि कंपनी आईपीओ का साइज घटा सकती है।
बाजार में सुधार की उम्मीद
सूत्रों ने कहा, ओयो (OYO) की सितंबर तिमाही के बाद IPO लॉन्च करने की योजना का मतलब है कि कंपनी आगे अपना वित्तीय प्रदर्शन और बाजार में जारी उतार-चढ़ाव में सुधार की उम्मीद कर रही है।
दरअसल, OYO ब्रांड पर मालिकाना हक रखने वाली कंपनी Oravel Stays Limited को स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टिंग के लिए मुंबई स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज से सैद्धांतिक तौर पर पहले ही मंजूरी मिल चुकी है।
क्यों देरी से लाएगी आईपीओ
कंपनी की योजनाओं की जानकारी रखने वाले एक शख्स ने कहा, “नए लिस्टेड स्टॉक की कीमतों में उतार-चढ़ाव से लोगों की चिंता बढ़ती है। ऐसे सेंटीमेंट के बीच इनवेस्टर्स को यह दिखाना होगा कि बिजनेस का रिवाइवल वास्तविक है। कंपनी मजबूत है। इसलिए, ओयो एक तिमाही के लिए इंतजार करेगी।” संपर्क करने पर ओयो ने टिप्पणी देने से इनकार कर दिया।
कंपनी के प्रस्तावित IPO मे 7,000 करोड़ रुपये के नए शेयर और 1,430 करोड़ रुपये के शेयरों के लिए ऑफर फॉर सेल शामिल है। हालांकि, अब ऐसी खबर है कि ओयो सिर्फ 7,000 करोड़ रुपये के प्राइमरी इश्यू के साथ आगे बढ़ना चाहती है और 1,430 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल नहीं लाना चाहती है। कंपनी ने सेबी से मंजूरी के लिए संपर्क किया है।
किसकी कितनी है हिस्सेदारी
OYO के फाउंडर रितेश अग्रवाल की कंपनी में 33 फीसदी हिस्सेदारी है और वे आईपीओ में अपनी हिस्सेदारी नहीं बेचेंगे। वहीं, अभी तक चर्चा थी कि 46 फीसदी हिस्सेदारी के साथ ओयो में सबसे बड़ा निवेशक Softbank Vision Fund कंपनी में अपनी 2 फीसदी अपनी हिस्सेदारी बेच सकता है।