Pramara Promotions IPO: प्रमोशनल मार्केटिंग कंपनी प्रमर प्रमोशन्स (Pramara Promotions) का आईपीओ पहले दिन पूरा नहीं भर पाया। हालांकि खुदरा निवेशकों ने जमकर पैसे लगाए लेकिन उनका भी हिस्सा पूरा नहीं भर पाया। ग्रे मार्केट में भी इसके शेयरों को लेकर उत्साह काफी ठंडा है। इसके शेयर आईपीओ के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से महज 1 रुपये यानी 1.59 फीसदी की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर हैं। हालांकि हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स के आधार पर निवेश से जुड़ा फैसला लेना चाहिए। इस इश्यू के तहत सिर्फ नए शेयर जारी होंगे।
प्रमर प्रमोशन्स का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए शुक्रवार 1 सितंबर को खुला था। खुदरा निवेशकों के लिए आईपीओ का आधा हिस्सा आरक्षित है और यह 0.88 गुना भरा है। वहीं बाकी हिस्सा महज 7 फीसदी ही भर पाया। ओवरऑल इस आईपीओ के लिए 43 फीसदी ही बोली मिल पाई है।
Pramara Promotions IPO की डिटेल्स
प्रमर प्रमोशन्स का आईपीओ 5 सितंबर तक खुला रहेगा। 15.27 करोड़ रुपये के इस आईपीओ में 63 रुपये के भाव और 2000 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकेंगे। इश्यू का आधा हिस्सा खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित है। आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 8 सितंबर को फाइनल होगा। इश्यू का रजिस्ट्रार बिगशेयर सर्विसेज है। इसके बाद शेयरों की एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म NSE SME पर 13 सितंबर को लिस्टिंग है। इश्यू के तहत 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 24.24 लाख नए इक्विटी शेयर जारी होंगे। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में होगा।
Pramara Promotions के बारे में
2006 में बनी प्रमर प्रमोशन्स एक प्रमोशनल मार्केटिंग कंपनी है। यह एफएमसीजी, क्यूएसआर (क्विक सर्विस रेस्टोरेंट), फार्मा, बेवरेज, टेलीकॉम, कॉस्मेटिक और मीडिया समेत अन्य सेक्टर की कंपनियों के लिए प्रमोशनल प्रोडक्ट्स और गिफ्ट आइटम्स तैयार करती है। यह क्रॉस प्रमोशन्स, लॉयल्टी और रिवार्ड्स, कॉरपोरेट गिफ्टिंग और टॉय रिटेल जैसी सर्विसेज ऑफर करती है। इसके अलावा ओईएम एग्रीमेंट के तहत यह पानी की बोतल, पेन इत्यादि भी बनाती है जिसकी कंपनी के लोगो या डिजाइन के तौर पर ब्रांडिंग की जाती है और प्रमोशनल चीजों के रूप में पेश किया जाता है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो इसका नेट प्रॉफिट लगातार बढ़ा है। वित्त वर्ष 2021 में इसे 33.18 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले ही वित्त वर्ष में बढ़कर 1.34 करोड़ रुपये और फिर वित्त वर्ष 2023 में 2.23 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू वित्त वर्ष 2021 में 40.96 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2022 में 49.43 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2023 में 51.19 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस पर 33.31 करोड़ रुपये का कर्ज है।