Priority Jewels IPO: 100.45 गुना के बंपर सब्सक्रिप्शन के बाद आज, 2 सितंबर को अलॉटमेंट; कैसी रहेगी लिस्टिंग?

Priority Jewels IPO: प्रायोरिटी ज्यूल्स हीरे जड़ी सोने और प्लेटिनम की फाइन ज्वेलरी डिजाइन करती है, बनाती है और बेचती है। कंपनी अपने पब्लिक इश्यू से हुई कमाई का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी

अपडेटेड Sep 02, 2026 पर 8:46 AM
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Priority Jewels IPO में 45.75 लाख नए शेयर जारी हुए। फाइनल इश्यू प्राइस ₹200 प्रति शेयर रहा।

प्रायोरिटी ज्यूल्स का ₹91.50 करोड़ का IPO 100.45 गुना सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हो गया है। अब 2 सितंबर को अलॉटमेंट फाइनल होने की उम्मीद है। इसके बाद कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 4 सितंबर को हो सकती है। IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 39.87 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 166.49 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 106.76 गुना भरा।

जिन लोगों ने प्रायोरिटी ज्यूल्स के IPO में पैसे लगाए हैं, वे इसकी रजिस्ट्रार MUFG Intime India Pvt.Ltd. और स्टॉक एक्सचेंज BSE की वेबसाइट के जरिए अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसकी प्रोसेस इस तरह है...

BSE पर कैसे करें चेक

  • https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx पर जाएं।
  • इश्यू का टाइप 'इक्विटी' चुनें।
  • ड्रॉपडाउन मेन्यू से Priority Jewels IPO चुनें।
  • एप्लीकेशन नंबर या PAN डिटेल एंटर करें।
  • 'कैप्चा' डालें।
  • 'Submit' बटन पर क्लिक करें।


MUFG Intime की वेबसाइट से कैसे करें चेक

  • https://in.mpms.mufg.com/Initial_Offer/public-issues.html पर जाएं।
  • कंपनी नेम में Priority Jewels सिलेक्ट करें।
  • PAN या एप्लीकेशन नंबर या DP/क्लाइंट ID या अकाउंट नंबर/IFSC में से एक को सिलेक्ट कर डिटेल डालें।
  • Submit पर क्लिक करें।

इस IPO में 45.75 लाख नए शेयर जारी हुए। फाइनल इश्यू प्राइस ₹200 प्रति शेयर रहा। कंपनी ने IPO की ओपनिंग से पहले एंकर इनवेस्टर्स से ₹27.45 करोड़ जुटाए। ग्रे मार्केट में प्रायोरिटी ज्यूल्स का शेयर 15.50 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

क्या-क्या बनाती है कंपनी

प्रायोरिटी ज्यूल्स हीरे जड़ी सोने और प्लेटिनम की फाइन ज्वेलरी डिजाइन करती है, बनाती है और बेचती है। यह रोज पहनी जाने वाली ज्वेलरी जैसे अंगूठी, झुमके, पेंडेंट, नेकलेस, ब्रेसलेट के साथ-साथ खास मौकों पर पहनी जाने वाली ज्वेलरी भी बेचती है। कंपनी भारत और दुनिया भर में स्वतंत्र ज्वेलर्स और ज्वेलरी चेन्स को अपने प्रोडक्ट बेचती है, जैसे कि कैरटलेन ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड, कल्याण ज्वेलर्स, रिलायंस रिटेल, मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स, त्रिभुवनदास भीमजी झवेरी लिमिटेड, सेनको गोल्ड लिमिटेड।

प्रायोरिटी ज्यूल्स की 21 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में अच्छी मौजूदगी है। यह अमेरिका, UAE, हांगकांग और नॉर्वे सहित 13 देशों में अपने प्रोडक्ट एक्सपोर्ट करती है। इसकी मुंबई में 2 ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी हैं।

IPO के पैसे कैसे इस्तेमाल करेगी Priority Jewels

कंपनी अपने पब्लिक इश्यू से हुई कमाई का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। प्रायोरिटी ज्यूल्स का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में रेवेन्यू ₹147.40 करोड़ रहा। शुद्ध मुनाफा ₹6.48 करोड़ दर्ज किया गया। इस बीच कंपनी पर ₹110.49 करोड़ की उधारी थी। वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 24 प्रतिशत बढ़कर ₹539 करोड़ और शुद्ध मुनाफा 68 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹17.65 करोड़ हो गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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